अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। ये हमले पिछले महीने पाल्मायरा क्षेत्र में हुए घातक हमले के जवाब में किए गए हैं, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी सिविलियन इंटरप्रेटर की मौत हो गई थी।
CENTCOM ने की आधिकारिक पुष्टि
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार देर रात बयान जारी कर इन हमलों की पुष्टि की।
CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना ने स्थानीय पार्टनर फोर्सेज के साथ मिलकर पूरे सीरिया में ISIS के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया।
इन हमलों में
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कमांड सेंटर्स,
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हथियार भंडार,
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और ट्रेनिंग कैंपों
को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
“हम पूरा हिसाब लेंगे” – CENTCOM प्रवक्ता
CENTCOM के प्रवक्ता ने कहा,
“ये ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर किए गए हैं। हम अपने सैनिकों और सहयोगियों पर हुए हमले का पूरा हिसाब लेंगे। ISIS को यह स्पष्ट संदेश है कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
दिसंबर में पाल्मायरा के पास हुआ था हमला
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में पाल्मायरा के पास ISIS के लड़ाकों ने अमेरिकी गश्ती दल पर अचानक हमला किया था।
इस हमले में
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दो अमेरिकी सैनिकों की मौके पर ही मौत,
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और एक अमेरिकी सिविलियन इंटरप्रेटर की अस्पताल में मौत
हो गई थी।
यह हमला उस समय हुआ था जब अमेरिकी बल और कुर्द-नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) संयुक्त रूप से ISIS के खिलाफ ऑपरेशन चला रहे थे।
सीरिया में अब भी सक्रिय है ISIS
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सीरिया में ISIS अब भी कुछ इलाकों में सक्रिय है और समय-समय पर छोटे-बड़े हमले करता रहता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और पहले भी ISIS के खिलाफ बड़े ऑपरेशन की मंजूरी दी है।
सीरिया में सीमित संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात
अमेरिका सीरिया में सीमित संख्या में सैनिक तैनात रखता है, जिनका उद्देश्य है:
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ISIS को पूरी तरह खत्म करना,
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और ईरान-समर्थित मिलिशिया पर नजर रखना।
ये ताजा हमले सीरिया के जटिल भू-राजनीतिक हालात के बीच हुए हैं।
कई वरिष्ठ ISIS कमांडर मारे जाने की संभावना
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक हमलों में हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा जारी नहीं किया है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक कई वरिष्ठ ISIS कमांडरों के मारे जाने की संभावना है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र में
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रूस,
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ईरान,
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और तुर्की
जैसे बड़े खिलाड़ी भी सक्रिय हैं।
अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से इन हमलों का समर्थन मांगा है और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन को मजबूत करने की बात कही है।
आगे की रणनीति पर नजरें
अब सभी की नजर इस बात पर है कि
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ISIS की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है,
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और क्षेत्रीय शक्तियां इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती हैं।









