Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

817376
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

1 मार्च 2026 से लागू होगा सिम-बाइंडिंग का सख्त नियम: WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्स पर क्या असर पड़ेगा?

BPC News National Desk
4 Min Read

केंद्र सरकार ने ओवर-द-टॉप (OTT) मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए सिम-बाइंडिंग नियम को लेकर कोई ढील नहीं देने का स्पष्ट संकेत दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) के आदेश के अनुसार, 1 मार्च 2026 से WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat समेत सभी इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स को यूजर अकाउंट को एक्टिव सिम कार्ड से लगातार बाइंड रखना अनिवार्य होगा।

यह नियम टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स, 2024 के तहत लाया गया है, जिसे नवंबर 2025 के अंत में अधिसूचित किया गया था। DoT ने ऐप कंपनियों को अनुपालन के लिए 90 दिन का समय दिया था, जो 28 फरवरी 2026 को समाप्त हो रहा है।

सरकार का स्पष्ट संदेश: कोई एक्सटेंशन नहीं

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ कहा है कि इस डेडलाइन में कोई छूट या विस्तार नहीं मिलेगा।
उनके अनुसार, यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर फ्रॉड पर नियंत्रण के लिए आवश्यक है।

सिम-बाइंडिंग नियम क्या कहता है?

नए नियमों के अनुसार:

  • मैसेजिंग ऐप का अकाउंट उसी सिम कार्ड से जुड़ा रहेगा, जिससे रजिस्ट्रेशन हुआ था

  • सिम कार्ड हटने, खराब होने, इनएक्टिव होने या बदलने पर ऐप काम करना बंद कर देगा

  • मोबाइल में फिजिकल रूप से एक्टिव सिम होना अनिवार्य

  • वेब/डेस्कटॉप वर्जन (जैसे WhatsApp Web) में

    • हर 6 घंटे में ऑटो लॉगआउट

    • दोबारा QR कोड स्कैन कर री-ऑथेंटिकेशन जरूरी

सरकार का मानना है कि इससे वर्चुअल नंबर, क्लोन सिम और फेक अकाउंट्स के जरिए होने वाले फ्रॉड पर रोक लगेगी।

यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?

इस नियम से आम यूजर्स की रोजमर्रा की डिजिटल आदतों में बड़ा बदलाव आ सकता है:

  • सिम बदलने वालों को नया वेरिफिकेशन प्रोसेस फॉलो करना होगा

  • डुअल सिम फोन में अगर रजिस्टर्ड सिम मौजूद नहीं है, तो ऐप नहीं चलेगा

  • विदेश यात्रा करने वाले यूजर्स को रोमिंग या eSIM के दौरान दिक्कत

  • WhatsApp Web/डेस्कटॉप यूजर्स को हर 6 घंटे में मोबाइल से लॉगिन

कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे मल्टी-डिवाइस यूजर्स को ज्यादा असुविधा होगी।

कंपनियों की तैयारी

Meta समेत कई टेक कंपनियां इस नियम के अनुपालन के लिए नए फीचर्स डेवलप कर रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • WhatsApp भारत के लिए सिम-बाइंडिंग फीचर टेस्ट कर रहा है

  • यह फीचर केवल भारतीय यूजर्स के लिए होगा

  • सभी प्लेटफॉर्म्स को 28 मार्च 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी

सरकार का सख्त रुख

DoT का कहना है कि हर अकाउंट KYC-वेरिफाइड सिम से जुड़ा रहेगा, जिससे:

  • साइबर क्राइम में कमी

  • फेक अकाउंट्स पर लगाम

  • डिजिटल ट्रेसबिलिटी मजबूत

हालांकि, यूजर कन्वीनियंस और प्राइवेसी को लेकर बहस भी तेज हो गई है।

निष्कर्ष

सिम-बाइंडिंग नियम भारत में डिजिटल कम्युनिकेशन को ज्यादा सुरक्षित, लेकिन कम लचीला बना सकता है।
अब यह देखना अहम होगा कि ऐप कंपनियां इसे कितनी सहजता से लागू करती हैं और यूजर्स किस तरह खुद को इसके अनुसार ढालते हैं।

👉 क्या यह नियम आपके WhatsApp या Telegram इस्तेमाल को प्रभावित करेगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *