दिल्ली, 5 मार्च 2026 – देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वैचारिक टकराव अब गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बनता जा रहा है। भाजपा की माइनॉरिटी लीडर, सुप्रीम कोर्ट की वकील और सोशल एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान ने दावा किया है कि उन्हें लगातार हत्या की धमकियां मिल रही हैं और उनकी निगरानी की जा रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें डर है कि हाल ही में एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए हमले के बाद अब उनका नंबर हो सकता है।
सोशल मीडिया पर किया खुलासा
नाजिया इलाही खान ने इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा:
“मुझे हत्या की धमकी आ रही है, मेरी हर रोज़ रेकी की जा रही है। शायद सलीम वास्तिक भाई के बाद मेरा नंबर है।”
उन्होंने अपनी पोस्ट में दिल्ली पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस, मुंबई पुलिस और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) सहित कई एजेंसियों को टैग करते हुए तत्काल सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
वायरल हुआ धमकी भरा कॉल
नाजिया ने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें एक व्यक्ति फोन पर उन्हें कथित तौर पर गंभीर हिंसा की धमकी देता हुआ सुनाई देता है। वीडियो में कॉलर ने कथित रूप से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का नाम लेते हुए अपमानजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार इससे पहले भी नाजिया को कई बार “गला रेतने” और अन्य हिंसक धमकियां मिल चुकी हैं।
सलीम वास्तिक हमले के बाद बढ़ी चिंता
यह मामला उस समय सामने आया है जब हाल ही में गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर उनके घर में घुसकर चाकू से हमला किया गया था।
बताया गया कि दो हमलावरों ने उन पर कई बार चाकू से वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कट्टरपंथ को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी।
पहले भी विवादों में रहीं नाजिया
नाजिया इलाही खान, जो खुद को “सनातनी” और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़ा बताती हैं, पहले भी कई विवादों में रही हैं।
पिछले वर्ष कानपुर में यात्री नामप्लेट विवाद पर उनके बयान के बाद उन्हें कथित रूप से धमकियां मिली थीं। इसके अलावा हाल ही में उनकी कार पर हमला होने की घटना भी सामने आई थी, जिसमें उन्हें और उनकी सहयोगी को चोटें आई थीं।
सोशल मीडिया पर तेज बहस
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है।
कई लोगों ने नाजिया के समर्थन में आवाज उठाते हुए सरकार से उन्हें सुरक्षा देने की मांग की है, जबकि कुछ लोगों ने इसे बढ़ते वैचारिक ध्रुवीकरण और कट्टरपंथ का उदाहरण बताया है।
जांच की संभावना
अब तक पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि नाजिया की शिकायत और वायरल पोस्ट्स के बाद मामले की जांच शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला एक बार फिर देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक संवेदनशीलता और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सामने ला रहा है।








