गाजियाबाद: संसद में नारी अधिनियम संशोधन बिल के गिरने के बाद देश की राजनीति में तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। Bharatiya Janata Party ने इस मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और देशभर में अपने नेताओं व प्रवक्ताओं के माध्यम से आक्रामक अभियान चला रही है। इसी कड़ी में गाजियाबाद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Gaurav Bhatia ने प्रेस वार्ता कर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
प्रेस वार्ता में विपक्ष पर तीखा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Gaurav Bhatia ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसे गिराकर यह साबित कर दिया कि वह महिलाओं के मुद्दों को केवल राजनीतिक नजरिए से देखता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी महिलाओं के हित में कोई ठोस निर्णय लेने की बात आती है, विपक्ष एकजुट होकर उसका विरोध करता है।
महिला सशक्तिकरण पर भाजपा का जोर
Gaurav Bhatia ने कहा कि Bharatiya Janata Party सरकार हमेशा से महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता में रखती आई है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस बिल का गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे उन महिलाओं को नुकसान हुआ है जो अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही हैं।
विपक्ष पर दोहरी राजनीति का आरोप
प्रवक्ता ने विपक्षी दलों पर दोहरी राजनीति करने का आरोप भी लगाया। Gaurav Bhatia ने कहा कि एक तरफ विपक्ष महिला अधिकारों की बात करता है, वहीं दूसरी ओर संसद में उन्हें मजबूत करने का अवसर मिलने पर पीछे हट जाता है।
उन्होंने इसे “राजनीतिक अवसरवाद” बताते हुए कहा कि देश की जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है।
देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी
Bharatiya Janata Party इस मुद्दे को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। Gaurav Bhatia ने कहा कि पार्टी जनता को बताएगी कि किस तरह विपक्ष ने महिलाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक को गिराने में भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र रहेगा।
विपक्ष से सहयोग की अपील, फिर भी सवाल बरकरार
प्रेस वार्ता के दौरान Gaurav Bhatia ने विपक्ष से अपील भी की कि वह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर सहयोग करे।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान जैसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन साथ ही विपक्ष के रवैये पर सवाल भी उठाए।
राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही पहल
गाजियाबाद में आयोजित यह प्रेस वार्ता Bharatiya Janata Party की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और विपक्ष को घेरने की योजना पर काम कर रही है।
इसका प्रभाव आने वाले चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी सक्रियता
स्थानीय स्तर पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं में इस मुद्दे को लेकर सक्रियता बढ़ी है। विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जनता को इस विषय पर जागरूक किया जा सके।
गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां संगठन को और मजबूती दे रही हैं।
राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत
कुल मिलाकर, नारी अधिनियम संशोधन बिल के गिरने के बाद Bharatiya Janata Party और विपक्ष के बीच राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है।
गाजियाबाद में Gaurav Bhatia की प्रेस वार्ता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गर्माने वाला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच अपनी रणनीति कैसे तय करता है।








