BPC न्यूज़ -:भूजल का विषय वर्तमान में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, अगर निकट भविष्य में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था यह गंभीर समस्याएं पैदा करेगा।
हमारे भूजल के साथ वर्तमान में दो तरफा मार हो रही हैं।
1. सीमा से ज्यादा भूजल का दोहन आज सभी सोसायटी और कमर्शियल संस्थानों में समरसेब्ल लगे हुए हैं, जोकि दिन रात भूजल का दोहन कर इसका भुस्तर गिरते जा रहे हैं।
हर कुछ समय में इन समरसेबल की गहराई बढ़ा दी जाती हैं परंतु कोई इसका स्तर बढ़ने का प्रयत्न नहीं करता।
समरसेबल लगने की मजबूरी इसलिए हैं क्योंकि अभी तक राजनगर एक्सटेंशन में गंगा जल की सप्लाई नहीं हैं। अगर नगर निगम एक्सटेंशन में जल सप्लाई देती हैं तो भूजल का दोहन काफी कम हो जाएगा।
2. भूजल का हो रहा प्रदूषण राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के आस पास जिस भी जगह डंपिंग यार्ड, अवैध कूड़ा घर इत्यादि बनाए गए हैं वो सभी नियम विरुद्ध एवम सभी सुरक्षा इंतजाम किए बिना संचालित हो रहे हैं।
इससे कूड़े से निकलने वाले सभी जहरीले तत्व बारिश के पानी के साथ हमारे भूजल में मिल जाते हैं। काफी प्रबल संभावना हैं कि निकट भविष्य में यहां का पानी पीने लायक ना रहे।
राजनगर एक्सटेंशन की किसी भी खाली पड़ी जमीन को देख लीजिए हर जगह आपको कूड़ा पड़ा मिल जाएगा। कोई विभाग/अधिकारी इसपर काम नही करना चाहता।
हमे मिलकर हर प्रकार (आरटीआई, मुख्यमंत्री पोर्टल, एनजीटी में पीआईएल, समाचार पत्रों, सोशल मीडिया) से इस समस्या पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना होगा।
तभी हमारी स्वच्छ-हरित राजनगर एक्सटेंशन (#CleangreenRNEx) मुहिम सफल हो पाएगी।
सादर
दीपांशु मित्तल











