गाज़ियाबाद। सेवा, संस्कार और भारतीय परंपराओं को जीवंत रखते हुए भारत विकास परिषद, आई-पैक्स शाखा द्वारा महर्षि दयानंद गौशाला, गाज़ीपुर में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गौ सेवा के माध्यम से सामाजिक संदेश
कार्यक्रम के दौरान शाखा के सदस्यों ने गौ माताओं, बछियों, बछड़ों और नंदी को अपने हाथों से हरा चारा और आहार खिलाया।
इस अवसर पर वातावरण में:
- भक्ति
- श्रद्धा
- सेवा भावना
का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बच्चों की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
युवान, आराध्या और अक्षया ने:
- गौ माताओं को चारा खिलाया
- सेवा कार्य में उत्साह दिखाया
- सभी का मन मोह लिया
इसने यह संदेश दिया कि संस्कारों की शिक्षा बचपन से ही आवश्यक है।
वरिष्ठ सदस्यों और परिवारों की उपस्थिति
कार्यक्रम में सचिन जी के माता-पिता की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
इसके अलावा कई वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लिया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
गौ सेवा और भारतीय संस्कृति का महत्व
सदस्यों ने कहा कि गौ सेवा:
- भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है
- दया और करुणा का प्रतीक है
- समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है
बड़ी संख्या में सदस्यों की सहभागिता
इस सेवा कार्य में कई सदस्य शामिल रहे, जिनमें:
- शैलेन्द्र मोहन
- अजय सिंघल
- अनिल कुमार गुप्ता
- सीमा गुप्ता
- राम निवास
- धीरेन्द्र जोशी
- वरुण गोयल
- अनिल कुमार
- प्रवीण जैन
- मनोज अग्रवाल
- अशोक गोयल
- पंकज गुप्ता
- शिव कुमार
- अनुराग सिंघल
- राजीव गुप्ता
- सचिन सक्सेना
साथ ही उनकी अर्धांगिनियों ने भी सक्रिय भाग लिया।
सेवा और संस्कार का संदेश
कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि:
- सामूहिक सेवा से समाज में एकता बढ़ती है
- संस्कारों से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है
- ऐसे आयोजन सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं
भविष्य के लिए संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि:
- वे भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य करते रहेंगे
- समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देंगे
- संस्कार आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे
निष्कर्ष
भारत विकास परिषद आई-पैक्स शाखा का यह आयोजन केवल गौ सेवा नहीं, बल्कि समाज में करुणा, संवेदनशीलता और संस्कृति को मजबूत करने की एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।








