नोएडा। औद्योगिक नगरी नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
कम वेतन और लंबे कार्य घंटों से नाराज कर्मचारी
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में 9 से 13 हजार रुपये तक वेतन दिया जा रहा है, जबकि उनसे 10 से 12 घंटे तक काम लिया जाता है।
कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह वेतन उनके जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं है।
20 हजार वेतन और 8 घंटे कार्य की मांग
कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है:
- न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रति माह
- कार्य समय 8 घंटे निर्धारित किया जाए
उनका कहना है कि यह मांग मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार जरूरी है।
EPF और ESI लागू करने की मांग
कर्मचारियों ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं पर भी जोर दिया है।
उनकी प्रमुख मांगें:
- सभी कर्मचारियों को EPF का लाभ मिले
- ESI सुविधा हर संस्थान में लागू हो
- भविष्य सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा सुनिश्चित किया जाए
ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर असंतोष
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें ग्रेच्युटी का लाभ नहीं दिया जाता।
उन्होंने मांग की है कि:
- सभी पात्र कर्मचारियों को समय पर ग्रेच्युटी दी जाए
- श्रम कानूनों का सख्ती से पालन हो
सड़कों पर प्रदर्शन और नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी की और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
यातायात और जनजीवन पर असर
प्रदर्शन के कारण कई इलाकों में:
- ट्रैफिक जाम
- आवागमन में परेशानी
- आम लोगों को असुविधा
स्थिति प्रभावित हुई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति निजी और संविदा कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दर्शाती है।
कम वेतन, लंबे कार्य घंटे और सामाजिक सुरक्षा की कमी प्रमुख मुद्दे हैं।






