Edify World School में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा भावना से ओत-प्रोत एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान और अनुशासन की गौरवगाथा से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशप्रेम, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करना था। पूरे विद्यालय परिसर में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला और छात्रों ने भारतीय सेना के प्रति सम्मान और गर्व व्यक्त किया।
कर्नल हरिकृष्णन ने साझा किए सेना जीवन के अनुभव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल हरिकृष्णन उपस्थित रहे। उन्होंने “गोल्डन की गनर्स” के गौरवशाली प्रतिनिधि के रूप में अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय सेना के जीवन, अनुशासन और देशसेवा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि देशसेवा केवल सीमा पर हथियार उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक के भीतर राष्ट्र के प्रति समर्पण, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी घटनाओं ने किया प्रेरित
कर्नल हरिकृष्णन ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कई प्रेरणादायक घटनाओं और अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भारतीय सैनिक किस तरह साहस, रणनीति और अदम्य संकल्प के साथ देश की रक्षा करते हैं। उनकी बातों ने विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल और प्रेरणादायक शब्दों में उत्तर दिया। साथ ही विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा अपनाने की सलाह भी दी।
सोशल मीडिया पर फर्जी सूचनाओं से सावधान रहने की अपील
अपने संबोधन में कर्नल हरिकृष्णन ने सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करे। उन्होंने विद्यार्थियों से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया प्रेरणादायक पहल
विद्यालय के निदेशक एडवोकेट पंकज होल्कर ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा का मार्ग जागरूकता, अनुशासन और समर्पण से होकर गुजरता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के वीर जवान देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके साहस और बलिदान की कहानियां बच्चों में देशप्रेम की भावना को मजबूत करती हैं।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को दिया जिम्मेदारी का संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप गौड़ ने भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना के वीर जवानों के त्याग और समर्पण के कारण ही देश सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य, ईमानदारी, अनुशासन और देशभक्ति को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझनी चाहिए।
विद्यार्थियों में दिखा विशेष उत्साह
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने भारतीय सेना के जीवन और देशसेवा के महत्व को करीब से महसूस किया।
पूरे विद्यालय परिसर में देशभक्ति गीतों और प्रेरणादायक विचारों की गूंज सुनाई दी। कई विद्यार्थियों ने भविष्य में सेना में शामिल होकर देशसेवा करने की इच्छा भी व्यक्त की।
राष्ट्रप्रेम और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास
विद्यालय प्रशासन के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया तथा देशहित में जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया।








