Uttarakhand की राजनीति और भारतीय जनजीवन के लिए मंगलवार का दिन बेहद दुखद रहा। B. C. Khanduri का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
91 वर्षीय खंडूरी ने Dehradun के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे उत्तराखंड समेत देशभर के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
सादगी और अनुशासन के लिए थे प्रसिद्ध
जनरल बी.सी. खंडूरी, जिन्हें लोग सम्मान से “जनरल साहब” भी कहते थे, अपनी सादगी, अनुशासन और ईमानदार कार्यशैली के लिए पहचाने जाते थे।
भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और उत्तराखंड के विकास में अहम भूमिका निभाई। सेना से मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
दो बार बने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
B. C. Khanduri दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे।
पहली बार वर्ष 2007 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला। बाद में 2011 में उन्हें फिर राज्य की कमान सौंपी गई।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पारदर्शी प्रशासन, सड़क विकास और सुशासन पर विशेष जोर दिया। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रवैये और अनुशासित प्रशासनिक शैली के कारण उनकी छवि एक मजबूत और साफ-सुथरे नेता की बनी।
सेना से राजनीति तक का प्रेरणादायक सफर
राजनीति में आने से पहले जनरल खंडूरी भारतीय सेना में करीब 36 वर्षों तक सेवाएं दे चुके थे।
इसके अलावा केंद्र सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। देश की महत्वाकांक्षी Golden Quadrilateral परियोजना को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
इस परियोजना ने देश के चार प्रमुख महानगरों को आधुनिक हाईवे नेटवर्क से जोड़ने का काम किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
उनके निधन पर Narendra Modi ने गहरा दुख व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनरल खंडूरी ने सेना से लेकर राजनीति तक देश की सेवा में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने उत्तराखंड के विकास और देश में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जो कार्य किए, उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया अपूरणीय क्षति
वहीं Pushkar Singh Dhami ने उनके निधन को राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनरल खंडूरी ने ईमानदारी, सादगी और जनसेवा के जरिए जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक
खंडूरी के निधन के बाद Uttarakhand सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
इस दौरान राज्य में सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सरकारी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।
जनसेवा और ईमानदार राजनीति की मिसाल
जनरल बी.सी. खंडूरी का जीवन अनुशासन, राष्ट्रसेवा और ईमानदार राजनीति का प्रतीक माना जाता है।
सेना से लेकर मुख्यमंत्री पद तक उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनके निधन से उत्तराखंड ने एक ऐसा जननेता खो दिया है, जिसकी सादगी और कार्यशैली लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।









