Ghaziabad में Ghaziabad Nagar Nigam ने Earth Day के अवसर पर बड़े स्तर पर पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
5000 से अधिक पौधारोपण, हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर यह अभियान शहर के सभी पांचों जोन में चलाया गया। प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज के नेतृत्व में इंदिरापुरम, मोहन नगर, लोहिया नगर, विजयनगर, कवि नगर और वैशाली सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में पौधारोपण किया गया।
इस दौरान करीब 5000 से अधिक पौधे लगाए गए, जो शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छात्रों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
इस अभियान में निगम अधिकारियों के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से लोहिया नगर स्थित कंपोजिट विद्यालय की छात्राओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसके अलावा शहर के लगभग 50 स्थानों पर भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जागरूकता अभियान और स्वच्छता पहल
स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने भी इस अवसर पर जागरूकता अभियान चलाया। ट्रैफिक सिग्नलों पर वाहन चालकों से रेड लाइट के दौरान इंजन बंद करने की अपील की गई, जिससे वायु प्रदूषण कम किया जा सके।
मैस्कॉट के माध्यम से लोगों को संदेश देकर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
वेस्ट टू आर्ट और प्लास्टिक मुक्त शहर का संदेश
अभियान के तहत “वेस्ट टू आर्ट” गतिविधियों के जरिए Reduce, Reuse, Recycle की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया। इसका उद्देश्य कचरे के बेहतर प्रबंधन के जरिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
नगर निगम ने प्लास्टिक मुक्त और कचरा मुक्त शहर बनाने के लिए भी विशेष अभियान चलाया और नागरिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और सम्मान
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। लोहिया नगर में आयोजित कार्यक्रम में पार्षद कुलदीप सहित कई अधिकारियों ने प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इससे लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
निष्कर्ष
यह अभियान केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि शहर को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है।
साफ है कि प्रशासन और नागरिक मिलकर प्रयास करें, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं है।








