गाजियाबाद में एक महिला ने अपने पति के रहस्यमय तरीके से लापता होने के मामले में ऑनर किलिंग की आशंका जताई है। महिला ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर गुहार लगाते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही स्थानीय पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है।
13 मार्च से लापता, अब तक नहीं मिला कोई सुराग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, Ritika नाम की महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 13 मार्च 2026 की सुबह करीब 5 बजे उसके पति Rohit अचानक घर से लापता हो गए। उस दिन के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। महिला ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आई।
प्रेम विवाह से नाराज था ससुराल पक्ष
महिला के अनुसार, उसने प्रेम विवाह किया था, जिससे उसका ससुराल पक्ष शुरू से ही नाराज था। उसने आरोप लगाया कि सास रज्जो, जेठ मोहित और ससुर राजाराम अक्सर उसे और उसके पति को धमकियां देते थे। महिला का कहना है कि उसे शक है कि पति के गायब होने के पीछे ससुराल पक्ष का हाथ हो सकता है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
रितिका का कहना है कि घटना के बाद वह कई बार स्थानीय पुलिस थाने पहुंची, लेकिन उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस की कथित लापरवाही से निराश होकर उसने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर मामला दर्ज कराया। उसने निष्पक्ष जांच और अपने पति की जल्द तलाश की मांग की है।
खुद की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
महिला ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उसका कहना है कि जिन लोगों पर वह शक जता रही है, उनसे उसे अपनी जान का खतरा है। उसने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वह बिना डर के न्याय की लड़ाई लड़ सके।
स्थानीय लोगों में चर्चा तेज
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। देरी से सबूत प्रभावित होते हैं और पीड़ित परिवार का भरोसा भी कम होता है।
पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद जांच तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष: जांच पर टिकी सभी की नजरें
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और लापता युवक का सुराग लगाने में कितनी जल्द सफलता मिलती है। यह मामला एक बार फिर संवेदनशील पारिवारिक विवादों और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है।








