Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

817736
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मामला: हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

BPC News National Desk
3 Min Read

Allahabad High Court ने गंगा नदी में नाव पर कथित इफ्तार पार्टी से जुड़े मामले में गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने Uttar Pradesh सरकार से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला Varanasi से जुड़ा है, जहां गंगा नदी में नाव पर आयोजित एक इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद सामने आया है।

क्या हैं आरोप

आरोप है कि नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान मांसाहारी भोजन परोसा गया और उसके अवशेष नदी में फेंके गए। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने के साथ-साथ पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का भी मामला सामने आया है।

गंगा नदी को भारत में अत्यंत पवित्र माना जाता है और इससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में इससे जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ देखा जाता है।

जमानत याचिका की सुनवाई में उठा मामला

इस प्रकरण की सुनवाई न्यायमूर्ति Jitendra Kumar Sinha की पीठ ने की। अदालत में आरोपी दानिश और अन्य की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि पवित्र नदियों की गरिमा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता Umashankar Mishra ने प्रारंभिक पक्ष रखा।

हालांकि अदालत ने केवल प्रारंभिक दलीलों से संतुष्ट न होकर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। इस रिपोर्ट में घटनाक्रम, जांच और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल होगा।

धार्मिक आस्था और पर्यावरण दोनों का मुद्दा

अदालत ने संकेत दिया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और पर्यावरणीय संतुलन के खिलाफ गंभीर कृत्य होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि नदियों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सख्त नियमों के साथ-साथ जन जागरूकता भी जरूरी है।

अगली सुनवाई 24 अप्रैल को

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख तय की है। तब तक राज्य सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यह मामला केवल एक स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि नदियों की स्वच्छता, धार्मिक आस्था और कानून के पालन से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

न्यायपालिका की सख्ती यह संकेत देती है कि पर्यावरण और आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *