हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में एक कांवड़िए को गोली मारने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। घायल कांवड़िए का इलाज वर्तमान में AIIMS ऋषिकेश में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा से 10 कांवड़ियों का एक दल 221 लीटर गंगाजल लेकर पदयात्रा पर निकला था। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके माध्यम से गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग भी उठाई जा रही थी। दल के सदस्य लगभग 240 किलोमीटर की पदयात्रा कर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर रुककर लोगों को अपने अभियान के बारे में जानकारी भी दे रहे थे।
बताया जा रहा है कि कांवड़ियों का यह दल सोमवार रात हरिद्वार में एक स्थान पर ठहरा हुआ था। देर रात वहां कुछ शराब के नशे में धुत लोगों का समूह पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में विवाद सामान्य लग रहा था, लेकिन देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
विवाद बढ़ने पर शराबियों ने कांवड़ियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि इसी बीच एक युवक ने अवैध हथियार निकालकर कांवड़ियों पर हमला कर दिया और गोली चला दी। गोली एक कांवड़िए को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और अन्य कांवड़ियों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे ऋषिकेश स्थित एम्स रेफर कर दिया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायल का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वहीं घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना के बाद कांवड़ियों और स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिला। धार्मिक यात्रा के दौरान हुई इस हिंसक वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कांवड़ियों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक अपनी यात्रा कर रहे थे और किसी प्रकार के विवाद में शामिल नहीं थे, फिर भी उन पर हमला किया गया।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और धर्माचार्यों ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हरिद्वार जैसी धार्मिक नगरी में हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल लोगों की निगाहें घायल कांवड़िए के स्वास्थ्य और पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे और पीड़ित को न्याय मिलेगा।








