राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब Rudraprayag और Srinagar के बीच सम्राट होटल के पास पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर गिरने लगे। पत्थरों की चपेट में आने से एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें चालक सहित एक दंपति घायल हो गए। हादसे के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन प्रशासन और परिवहन विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
अचानक गिरे पत्थर, क्षतिग्रस्त हुआ वाहन
जानकारी के अनुसार वाहन संख्या UK17 TA 1470 श्रीनगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। चालक कुछ समझ पाता उससे पहले ही वाहन पत्थरों की चपेट में आ गया और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में वाहन चालक और उसमें सवार एक दंपति घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि सभी को हल्की चोटें आईं और समय रहते उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया।
मौके पर पहुंचे एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह बिष्ट
घटना के समय सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी Dharmendra Singh Bisht परिवहन विभाग की टीम के साथ क्षेत्र में नियमित वाहन चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान राहगीरों से उन्हें दुर्घटना की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह बिष्ट तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि वाहन में सवार घायल लोग सहायता का इंतजार कर रहे हैं।
एंबुलेंस का इंतजार किए बिना दिखाई मानवता

पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण एंबुलेंस पहुंचने में समय लग सकता था। ऐसे में एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह बिष्ट ने संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया।
उन्होंने तुरंत विभागीय वाहन की व्यवस्था की और स्वयं तीनों घायलों को जिला चिकित्सालय Rudraprayag पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उन्हें केवल हल्की चोटें आई हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हो सका।
लोगों ने की एआरटीओ की सराहना
एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह बिष्ट की तत्परता और मानवता की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि अक्सर दुर्घटनाओं के समय राहत कार्य में देरी हो जाती है, लेकिन इस घटना में जिस तेजी से अधिकारी ने कार्रवाई की, वह बेहद सराहनीय है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस प्रकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी समाज के लिए प्रेरणादायक है।
डीएम के निर्देशों के बाद त्वरित राहत व्यवस्था

बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी Vishal Mishra द्वारा पहले ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसी क्रम में परिवहन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहाड़ी मार्गों पर सावधानी जरूरी
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून और मौसम परिवर्तन के दौरान अक्सर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि:
- खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें,
- पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से वाहन चलाएं,
- और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
सेवा भावना की हो रही चर्चा
एनएच-07 पर हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा या दुर्घटना के समय त्वरित निर्णय और मानवीय संवेदनशीलता कई जिंदगियां बचा सकती है।
Dharmendra Singh Bisht की सेवा भावना और तत्परता की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है और लोग उनके इस कार्य को प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ इंसानियत की मिसाल भी बता रहे हैं।








