Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

818623
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

योगी कैबिनेट विस्तार में मनोज पांडेय की एंट्री, सपा से बगावत के बाद मिला बड़ा इनाम

BPC News National Desk
5 Min Read

Yogi Adityanath ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। चुनाव से करीब नौ महीने पहले हुए इस कैबिनेट विस्तार को भाजपा की अहम चुनावी रणनीति माना जा रहा है। इस विस्तार में छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जबकि दो राज्य मंत्रियों को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

सबसे ज्यादा चर्चा मनोज पांडेय को मंत्री बनाए जाने को लेकर हो रही है, जिन्होंने समाजवादी पार्टी से बगावत के बाद भाजपा का दामन थामा था।

कौन हैं मनोज पांडेय?

मनोज पांडेय का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वह रायबरेली जिले की ऊंचाहार विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। वर्ष 2012, 2017 और 2022 में उन्होंने जीत दर्ज कर इलाके में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।

लंबे समय तक समाजवादी पार्टी में सक्रिय रहने वाले मनोज पांडेय को Akhilesh Yadav के करीबी नेताओं में गिना जाता था। वर्ष 2012 में जब अखिलेश यादव की सरकार बनी थी, तब उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। उस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और सरकार के प्रभावशाली मंत्रियों में उनकी गिनती होती थी।

राज्यसभा चुनाव के दौरान बदले राजनीतिक समीकरण

समय के साथ समाजवादी पार्टी और मनोज पांडेय के रिश्तों में दूरी बढ़ने लगी। 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में वोटिंग कर सपा नेतृत्व को बड़ा झटका दिया।

इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। तभी से उनके भाजपा में पूरी तरह शामिल होने और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें तेज हो गई थीं।

भाजपा को कैसे मिलेगा राजनीतिक फायदा?

अब योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनाए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि भाजपा उन्हें पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक चेहरे के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रायबरेली और आसपास के इलाकों में मनोज पांडेय का अच्छा प्रभाव है, जिसका फायदा भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में उठाना चाहती है। खासतौर पर रायबरेली को लंबे समय से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में वहां के प्रभावशाली नेता को अपने साथ जोड़कर भाजपा विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है।

ब्राह्मण वोट बैंक पर भाजपा की नजर

भाजपा लंबे समय से ऐसे नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है जिनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ हो और जो जातीय व सामाजिक समीकरणों को प्रभावित कर सकें। मनोज पांडेय ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और अवध क्षेत्र में उनका अच्छा राजनीतिक नेटवर्क माना जाता है।

यही वजह है कि उन्हें मंत्रिमंडल में जगह देकर भाजपा ने ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा कैबिनेट विस्तार

भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर चल रही है। ऐसे में पार्टी हर क्षेत्र और हर सामाजिक वर्ग को साधने की कोशिश में जुटी हुई है।

नए मंत्रियों को शामिल कर भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नए चेहरों को मौका दिया जा रहा है।

यूपी की राजनीति में नया मोड़

मनोज पांडेय की योगी कैबिनेट में एंट्री ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा उन्हें चुनावी मैदान में किस तरह इस्तेमाल करती है और वह पार्टी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *