गाज़ियाबाद, 10 दिसंबर 2025। श्रीलंका में आए भीषण चक्रवाती तूफान और बाढ़ के बाद भारत द्वारा चलाए जा रहे राहत अभियान “ऑपरेशन सागर बंधु” की सराहना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। इसी अभियान की समीक्षा के लिए सोमवार को NDRF महानिदेशक पीयूष आनंद गाजियाबाद स्थित 8वीं बटालियन मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की।
भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई: 1,250 से अधिक मरीजों का इलाज
श्रीलंका में हालात गंभीर होने के बाद भारतीय सेना ने तत्काल अपना फील्ड हॉस्पिटल स्थापित किया।
अब तक:
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1,250 से अधिक घायलों का इलाज
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5 बड़ी जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी
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सेना के जहाजों व हेलिकॉप्टरों के माध्यम से सैकड़ों टन राहत सामग्री पहुंचाई गई
फील्ड हॉस्पिटल में डॉक्टर 24×7 आपातकालीन मोड में काम कर रहे हैं।
NDRF का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’: हजारों लोगों की जान बचाई गई
NDRF की टीमें श्रीलंका के सबसे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
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बाढ़ में फंसे हजारों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
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टूटे पुल, उफनती नदियां और डूबे हुए गांवों से लोगों को निकाला गया
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बड़े पैमाने पर राहत सामग्री का वितरण
गाज़ियाबाद पहुंचे DG पीयूष आनंद ने कहा—
“NDRF टीमें पूरी क्षमता से श्रीलंका के लोगों की मदद कर रही हैं। यह पड़ोसी धर्म और मानवता की सर्वोच्च मिसाल है। भारतीय सेना और NDRF मिलकर इस संकट से श्रीलंका को उबारने के लिए पूर्ण समन्वय से कार्य कर रहे हैं।”
श्रीलंका ने भारत को बताया “सच्चा मित्र”
स्थानीय श्रीलंकाई नागरिकों और वहां की सरकार ने भारत के इस त्वरित सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि—
“कठिन समय में हमेशा भारत ही सबसे पहले मदद के लिए पहुंचता है।”
भारत ने स्पष्ट किया है कि—
राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक श्रीलंका पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता।
भारत की भूमिका अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूत
इस अभियान ने एक बार फिर साबित किया है कि—
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भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है
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बल्कि पड़ोसी देशों के लिए भी संकट में पहला सहारा बनता है










