पंतनगर एयरपोर्ट अब आधुनिक सुविधाओं और बड़े विस्तार के साथ नई पहचान हासिल करने जा रहा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत एयरपोर्ट का बड़ा विस्तार किया जाएगा, जिससे यह भविष्य में उत्तराखंड के सबसे महत्वपूर्ण हवाई केंद्रों में शामिल हो सकता है।
इस परियोजना से न केवल हवाई संपर्क मजबूत होगा बल्कि पर्यटन, उद्योग, कृषि, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में भी प्रदेश को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रनवे होगा 3000 मीटर तक विस्तारित
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत Pantnagar Airport के रनवे को वर्तमान 1342 मीटर से बढ़ाकर लगभग 3000 मीटर किया जाएगा।
रनवे विस्तार के बाद यहां बड़े यात्री विमान और एयरबस जैसी आधुनिक फ्लाइट्स आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगी। अभी तक सीमित क्षमता के कारण यहां छोटे विमानों का ही संचालन संभव हो पाता था, लेकिन विस्तार के बाद देश के बड़े शहरों से सीधी उड़ानों का रास्ता खुल जाएगा।
387 करोड़ रुपये की परियोजना से बदलेगा एयरपोर्ट का स्वरूप
करीब 387 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल बढ़ाकर लगभग 794 एकड़ किया जाएगा। इसके साथ ही यहां आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग, नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ब्लॉक, अत्याधुनिक फायर स्टेशन और लगभग 300 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी।
इसके अलावा पांच एयरबस विमानों की पार्किंग क्षमता वाला बड़ा ऐप्रन एरिया भी तैयार किया जाएगा।
देश के बड़े शहरों से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तराखंड के विकास को नई दिशा दे सकती है। वर्तमान समय में कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को लंबी दूरी की हवाई यात्रा के लिए दिल्ली या देहरादून का रुख करना पड़ता है, लेकिन एयरपोर्ट विस्तार के बाद यह स्थिति पूरी तरह बदल सकती है।
भविष्य में यहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भी खुल सकता है रास्ता
परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में नेपाल, दुबई और थाईलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए भी उड़ान सेवाएं शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
यदि ऐसा होता है तो Uttarakhand के पर्यटन उद्योग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। Nainital, Jim Corbett National Park, Mukteshwar, Kausani और Pithoragarh जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
कृषि और उद्योग क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ
पंतनगर और आसपास का क्षेत्र कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है। बेहतर एयर कनेक्टिविटी मिलने से यहां के कृषि उत्पाद देश और विदेश के बाजारों तक तेजी से पहुंच सकेंगे। इससे किसानों और स्थानीय व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कुमाऊं क्षेत्र में कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं और एयरपोर्ट विस्तार के बाद निवेश की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
विशेषज्ञों के अनुसार एयरपोर्ट विस्तार से लगभग 1000 से 1500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
निर्माण कार्य से लेकर एयरपोर्ट संचालन, होटल उद्योग, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र तक रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उत्तराखंड के विकास की नई उड़ान
Pantnagar Airport का विस्तार केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं बल्कि उत्तराखंड के आर्थिक और सामाजिक विकास की नई उड़ान माना जा रहा है।
आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट कुमाऊं क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।







