Ghaziabad। नगर निगम गाज़ियाबाद द्वारा निर्मित भव्य उत्तरांचल भवन के संचालन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तरांचल समाज के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त Vikramaditya Malik से मुलाकात कर उत्तरांचल भवन के संचालन, सदस्यता अभियान और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उत्तरांचल सामाजिक समिति को मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत हुआ समिति का गठन
नगर निगम द्वारा उत्तरांचल के संचालन के लिए सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके अंतर्गत “उत्तरांचल भवन सामाजिक समिति” के नाम से समिति का गठन किया गया है, जिसमें नगर निगम अधिकारियों को भी सदस्य के रूप में नामित किया गया है। अब समिति का उद्देश्य उत्तरांचल समाज के अधिक से अधिक लोगों और शहरवासियों को सदस्य बनाकर भवन के संचालन को व्यवस्थित और सफल बनाना है।
नगर आयुक्त ने समाज से की सहयोग की अपील
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अपील करते हुए कहा कि उत्तरांचल भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि Uttarakhand की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसके बेहतर संचालन के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने उत्तरांचल समाज की विभिन्न संस्थाओं और समितियों से भी सदस्यता अभियान में सहयोग करने का आग्रह किया।
सदस्यता के लिए तय की गई अलग-अलग श्रेणियां
उत्तरांचल सामाजिक समिति की सदस्यता के लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
सदस्यता शुल्क
- आजीवन सदस्यता – ₹11,000
- विशेष सदस्यता – ₹5,100
- सामान्य सदस्यता – ₹2,100
नगर निगम द्वारा लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की जा रही है, ताकि समिति को मजबूत आधार मिल सके।
16 मई को होगी महासभा की बड़ी बैठक
इसी उद्देश्य से 16 मई 2026 को प्रातः 9:30 बजे उत्तरांचल भवन में एक विशाल महासभा का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में उत्तरांचल समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होकर सदस्यता ग्रहण करेंगे तथा भवन के संचालन को लेकर अपने सुझाव भी साझा करेंगे। नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि समिति जितनी मजबूत होगी, उत्तरांचल भवन का संचालन उतना ही प्रभावी और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।
सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का बनेगा प्रमुख केंद्र
गाजियाबाद नगर निगम ने उत्तरांचल समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस भव्य भवन का निर्माण कराया है। भवन के संचालन के बाद यहां सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। नगर निगम द्वारा इसके लिए नियम, शर्तें और शुल्क भी निर्धारित किए जा रहे हैं। सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद भवन की बुकिंग प्रक्रिया शुरू किए जाने की योजना है।
समाज के प्रतिनिधियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक के दौरान उत्तरांचल समाज के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त को कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। सुझावों में सदस्यता प्रक्रिया को सरल बनाने, अधिक प्रचार-प्रसार करने और समाज के युवाओं को भी इस अभियान से जोड़ने की बात प्रमुख रूप से शामिल रही। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन सुझावों पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
भारतीय पर्वतीय महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने जताया आभार
इस अवसर पर Bhartiya Parvatiya Mahasabha के प्रतिनिधिमंडल ने भी नगर आयुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में Abhinav Singh Bhandari, Balam Singh Bisht, Bhuvan Chand Pandey, Satish Bhardwaj, Bhagirath Singh Rawat, Rohit Rawat सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने उत्तरांचल भवन के निर्माण और उसके संचालन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए नगर निगम का आभार व्यक्त किया।
उत्तरांचल समाज की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया मंच
उत्तरांचल समाज के लोगों का कहना है कि यह भवन समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का कार्य करेगा। वहीं नगर निगम को उम्मीद है कि समाज के सहयोग से उत्तरांचल भवन भविष्य में गाजियाबाद का एक प्रमुख सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र बनकर उभरेगा।







