गाजियाबाद नगर निगम के नए मुख्यालय को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच अब बड़ा फैसला सामने आया है। नगर निगम ने नए मुख्यालय के निर्माण के लिए अर्थला की बजाय राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र को अंतिम रूप दे दिया है।
निगम की गौशाला के पास करीब 14 हजार वर्गमीटर जमीन इस परियोजना के लिए चिह्नित की गई है। नगर निगम का दावा है कि बनने वाला नया मुख्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यहां कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
99 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली गति
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस परियोजना के लिए शासन की ओर से 26 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही जारी की जा चुकी है।
इससे माना जा रहा है कि अब निर्माण कार्य को जल्द गति मिल सकती है। नगर निगम का कहना है कि नया मुख्यालय बनने के बाद शहर की प्रशासनिक व्यवस्थाएं और अधिक व्यवस्थित एवं तकनीकी रूप से मजबूत होंगी।
अर्थला में अटकी थी परियोजना
जानकारी के मुताबिक इससे पहले निगम मुख्यालय निर्माण के लिए अर्थला क्षेत्र की जमीन तय की गई थी, लेकिन वहां भूमि उपयोग यानी लैंड यूज परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद नगर निगम ने वैकल्पिक स्थानों की तलाश शुरू की और अंततः राजनगर एक्सटेंशन में उपयुक्त जमीन का चयन किया गया।
क्यों चुना गया राजनगर एक्सटेंशन?
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि राजनगर एक्सटेंशन तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है और यहां बेहतर कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है। ऐसे में नए मुख्यालय के लिए यह स्थान अधिक उपयुक्त माना गया।
इसके अलावा भविष्य में शहर के विस्तार और बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए भी इस स्थान को बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया भवन
प्रस्तावित मुख्यालय को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसमें आधुनिक कार्यालय, डिजिटल सेवाएं, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, नागरिक सुविधा केंद्र, मीटिंग हॉल और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
नगर निगम का उद्देश्य है कि लोगोंं को एक ही स्थान पर विभिन्न नागरिक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए भी बेहतर कार्य वातावरण तैयार किया जाएगा।
बढ़ती आबादी के कारण बढ़ी जरूरत
अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान नगर निगम कार्यालय में जगह की कमी और बढ़ते कामकाज के कारण कई प्रकार की दिक्कतें सामने आ रही हैं।
शहर के लगातार विस्तार और बढ़ती आबादी के साथ प्रशासनिक जरूरतें भी बढ़ी हैं। ऐसे में नए और बड़े मुख्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब इस परियोजना के आगे बढ़ने से निगम के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
नागरिकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि आधुनिक सुविधाओं वाला नया मुख्यालय बनता है तो नागरिक सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा।
खासकर ऑनलाइन और डिजिटल सेवाओं के साथ लोगों को प्रमाणपत्र, कर भुगतान, शिकायत निस्तारण और अन्य कार्यों के लिए बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जल्द शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही परियोजना से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शासन स्तर पर भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि Ghaziabad तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल है और यहां बेहतर शहरी प्रशासन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
आधुनिक नगर प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम
राजनगर एक्सटेंशन में नए मुख्यालय के निर्माण का फैसला केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे शहर के भविष्य के विकास और आधुनिक नगर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
आने वाले समय में यह नया मुख्यालय गाजियाबाद नगर निगम की पहचान और कार्यप्रणाली दोनों को नई दिशा दे सकता है।








