भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर सन्हिता जनसहायक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करना था।
लेखन और चित्रकला प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
कार्यक्रम के तहत नासिरपुर फाटक स्थित कक्षा में बच्चों के लिए लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं श्याम पार्क कक्षा में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जहां बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
दोनों प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे आयोजन का उद्देश्य सफल होता नजर आया।
अंबेडकर के विचारों और संघर्षों से कराया परिचय
इस अवसर पर बच्चों को डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और समाज के लिए किए गए योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार उन्होंने सामाजिक समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
बच्चों को यह भी समझाया गया कि अंबेडकर के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं और उनके सिद्धांतों को अपनाकर बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।
शिक्षा और समानता का संदेश
ट्रस्ट की अध्यक्ष नीतू चौधरी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर ने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके प्रयासों से ही आज समाज के हर वर्ग को शिक्षा का अधिकार प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो जीवन को नई दिशा देता है और व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है।
जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
नीतू चौधरी ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य बच्चों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे अंबेडकर के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
कार्यक्रम का समापन और प्रोत्साहन
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को उनके प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। ट्रस्ट ने बच्चों को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कुल मिलाकर यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि बच्चों के लिए प्रेरणा, शिक्षा और जागरूकता का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। इस पहल के माध्यम से बच्चों ने समानता, शिक्षा और संघर्ष के मूल्यों को समझा और अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त की।








