देहरादून। बैसाखी के पावन पर्व के अवसर पर मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिख समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को लेकर विशेष उत्साह और संतोष व्यक्त किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होने जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक सरोपा भेंट कर सम्मानित किया और बैसाखी की शुभकामनाएं दीं।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे प्रमुख चेहरे
इस प्रतिनिधिमंडल में हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उत्तराखण्ड किसान आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी, जनसंख्या नियंत्रण समिति के अध्यक्ष दिनेश मानसेरा, विधायक सुरेश गड़िया सहित कई प्रमुख गणमान्य नागरिक और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल रहे।
सिख समुदाय के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना
हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने केंद्र और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सिख समुदाय के कल्याण और धार्मिक आस्था के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णयों ने सिख समाज को नई पहचान और सम्मान दिलाया है।
हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना: श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत
श्री बिंद्रा ने विशेष रूप से हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना का उल्लेख करते हुए इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा:
“यह परियोजना कठिन पर्वतीय यात्रा को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को इससे विशेष लाभ मिलेगा।”
इस परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों श्रद्धालु आसानी से गुरु गोविंद सिंह जी की तपस्या स्थली तक पहुंच सकेंगे।
“वीर बाल दिवस” और ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना
प्रतिनिधिमंडल ने “वीर बाल दिवस” के आयोजन को भी ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है।
इसके साथ ही गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानपूर्वक मनाए जाने को सिख इतिहास और संस्कृति के प्रति देश की आस्था का प्रतीक बताया गया।
गुरु ग्रंथ साहिब की वापसी को बताया गौरवपूर्ण क्षण
प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अफगानिस्तान के कंधार से गुरु ग्रंथ साहिब को भारत वापस लाने के प्रयास की भी सराहना की और इसे सिख समुदाय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
सीएम धामी ने दी बैसाखी की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए सभी को बैसाखी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन भूमि और गुरबाणी का उनके जीवन में विशेष महत्व रहा है।
उन्होंने कहा कि गुरबाणी के संदेशों ने उन्हें सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है।
उत्तराखण्ड में तेजी से हो रहा विकास
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समुदाय के सम्मान और सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने राज्य में चल रहे विकास कार्यों—सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन और आधारभूत संरचना—का जिक्र करते हुए बताया कि इन क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से बढ़ेंगे अवसर
मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को क्षेत्रीय विकास के लिए अहम बताते हुए कहा कि इससे न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
1700-1800 करोड़ की लागत से बनेगा रोपवे
सीएम धामी ने हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना लगभग 1700 से 1800 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह रोपवे आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगा और पर्यावरण संरक्षण के सभी मानकों का पालन करेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार सिख श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्ग पर बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, आवास और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
सद्भावना और सहयोग का प्रतीक बनी मुलाकात
इस भेंट के दौरान सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की सिख-हितैषी नीतियों और विकास कार्यों की सराहना की।
बैसाखी के पावन अवसर पर हुई यह मुलाकात सिख समुदाय और उत्तराखण्ड सरकार के बीच सद्भावना और सहयोग का प्रतीक बनी। मुख्यमंत्री धामी ने आश्वासन दिया कि सरकार सिख समुदाय की आस्था और भावनाओं का हमेशा सम्मान करेगी।









