टीला मोड़ थाना क्षेत्र में सोमवार को पुलिस और एक कुख्यात बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद जसलीम उर्फ छोटू को मार गिराया गया। आरोपी पर 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का गंभीर आरोप था। इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस की SWAT टीम ने अंजाम दिया।
मुठभेड़ कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगाई गई थीं। सोमवार को पुलिस को उसकी लोकेशन टीला मोड़ क्षेत्र में मिली, जिसके बाद SWAT टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की।
खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।

अस्पताल में हुई आरोपी की मौत
मुठभेड़ के दौरान आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दौरान:
- दो पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए
- दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
- उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है
पुलिस ने मौके से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं।

रिश्ते को किया शर्मसार
जानकारी के अनुसार, आरोपी का संबंध पीड़ित बच्ची से बेहद करीब का था। वह बच्ची का सगा मामा बताया जा रहा है। इस जघन्य अपराध ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लोगों में भारी आक्रोश था।

पुलिस की कार्रवाई पर उठते सवाल
गौरतलब है कि इससे पहले भी गाजियाबाद में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। कई मामलों में कार्रवाई में देरी और लापरवाही के आरोप भी सामने आए थे।
ऐसे में इस मुठभेड़ को पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इससे जुड़े कुछ सवाल अभी भी कायम हैं।

पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
साथ ही, मुठभेड़ की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है:
- संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
- संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम जरूरी हैं।
इस मुठभेड़ ने एक ओर जहां लोगों को कुछ राहत दी है, वहीं यह सवाल भी खड़ा किया है कि ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए प्रशासन और समाज को और क्या कदम उठाने चाहिए।









