उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिजली चोरी की जांच करने पहुंची बिजली विभाग की टीम पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। जानकीपुरम इलाके में हुई इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जांच के दौरान प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथियों ने अवर अभियंता पर लात-घूसों और बेल्चे से हमला कर दिया। इतना ही नहीं, टीम को डराने के लिए पालतू कुत्ता छोड़ने की भी कोशिश की गई।
जानकारी के अनुसार, इंदिरानगर निवासी अशोक कुमार वर्मा विद्युत विभाग में अवर अभियंता (जेई रेड) के पद पर तैनात हैं। बुधवार शाम करीब चार बजे वह अपनी टीम के साथ जानकीपुरम के नहर रोड स्थित ‘वंशिका प्रॉपर्टी’ पहुंचे थे। विभाग को यहां बिजली चोरी की शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर जांच की जा रही थी। टीम में राधेश्याम यादव, आयुष गौर, शिवम यादव और मनीष कुमार शर्मा भी शामिल थे।
बताया जा रहा है कि जैसे ही टीम ने प्रॉपर्टी मालिक अजय दीक्षित से बिजली मीटर और कनेक्शन से संबंधित जानकारी मांगी, वह आक्रोशित हो गया। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर टीम के साथ अभद्रता शुरू कर दी। विरोध करने पर जेई अशोक कुमार वर्मा पर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने उन्हें लात-घूसों से पीटा और बेल्चे से वार करने का प्रयास किया। इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना के दौरान टीम के अन्य सदस्यों ने किसी तरह खुद को बचाया और मामले की सूचना पुलिस को दी। घायल जेई को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में जानकीपुरम थाने पहुंच गए और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना था कि यदि सरकारी अधिकारियों पर इस तरह खुलेआम हमला होगा तो विभागीय कार्रवाई करना मुश्किल हो जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जानकीपुरम पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़ित जेई की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, गाली-गलौज, मोबाइल छीनने और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपितों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है, लेकिन कार्रवाई के दौरान आए दिन विरोध और हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उन्होंने मांग की कि चेकिंग अभियानों के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि कर्मचारी बिना डर के अपना काम कर सकें।
लखनऊ में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सरकारी टीमों को अपना काम करने के दौरान कई बार गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता है। अब सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं कि आरोपितों के खिलाफ कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई होती है।






