भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। अब क्रेडिट कार्ड केवल बड़े शहरों या अमीर वर्ग तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी लोग इन्हें रोजमर्रा के खर्च, ऑनलाइन खरीदारी और लाइफस्टाइल जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। बढ़ती आमदनी, डिजिटल भुगतान की आसान सुविधाएं और ईएमआई विकल्पों ने लोगों की खरीदारी की सोच को पूरी तरह बदल दिया है।
भारत की प्रमुख क्रेडिट कार्ड कंपनी के वित्त-वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार देश में करीब 11.86 करोड़ क्रेडिट कार्ड उपयोग में हैं और क्रेडिट कार्ड से कुल खर्च ₹23.62 लाख करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। यह दर्शाता है कि भारत में क्रेडिट कार्ड अब केवल सुविधा नहीं बल्कि लोगों की दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बन चुके हैं।
ऑनलाइन पेमेंट और UPI ने बढ़ाई रफ्तार
भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन ने क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को नई गति दी है। खासतौर पर यूपीआई से क्रेडिट कार्ड जोड़ने की सुविधा आने के बाद लोग छोटे-बड़े सभी भुगतान कार्ड के जरिए करने लगे हैं। किराना दुकान, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट और ऑनलाइन शॉपिंग जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ा है।
एसबीआई कार्ड के आंकड़ों के मुताबिक वित्त-वर्ष 2026 में कुल रिटेल खर्च का लगभग 62.5 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन खर्च का रहा। वहीं यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन में लगातार दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इससे साफ है कि ग्राहक अब नकदी की बजाय डिजिटल और आसान भुगतान को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
बेहतर लाइफस्टाइल और बड़ी खरीदारी को मिला बढ़ावा
क्रेडिट कार्ड ने लोगों को केवल भुगतान की सुविधा ही नहीं दी बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने का अवसर भी दिया है। अब लोग यात्रा, फैशन, गैजेट्स, होटल बुकिंग और मनोरंजन जैसी चीजों पर पहले से अधिक खर्च कर रहे हैं। अलग-अलग जरूरतों के लिए लोग अलग-अलग कार्ड का उपयोग कर रहे हैं।
उदाहरण के तौर पर ट्रैवल के लिए माइल्स कार्ड, ईंधन के लिए फ्यूल कार्ड और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए विशेष पार्टनर कार्ड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इससे ग्राहकों को कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइंट्स और डिस्काउंट जैसे फायदे मिलते हैं।
ईएमआई सुविधा बनी सबसे बड़ी वजह
क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग की सबसे बड़ी वजह आसान ईएमआई सुविधा भी है। महंगे स्मार्टफोन, घरेलू उपकरण, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान अब लोग एकमुश्त भुगतान की बजाय मासिक किस्तों में खरीदना पसंद कर रहे हैं।
एसबीआई कार्ड के अनुसार वित्त-वर्ष 2026 में ईएमआई आधारित खर्च में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि लोग अब अपनी जरूरतों और इच्छाओं को पूरा करने के लिए क्रेडिट का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
छोटे शहरों में तेजी से बढ़ रहा उपयोग
पहले क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से महानगरों तक सीमित था, लेकिन अब छोटे शहरों और कस्बों में भी इसकी पहुंच तेजी से बढ़ रही है। डिजिटल जागरूकता, इंटरनेट और यूपीआई के विस्तार ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एसबीआई कार्ड के आंकड़े बताते हैं कि यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं में करीब 77 प्रतिशत ग्राहक टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं। यह दर्शाता है कि भारत में डिजिटल क्रेडिट अब आम लोगों तक पहुंच रहा है।
बदल रही है भारत की आर्थिक सोच
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में क्रेडिट कार्ड का बढ़ता इस्तेमाल लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास, बेहतर आर्थिक स्थिति और आधुनिक जीवनशैली की ओर बढ़ते कदमों का संकेत है। आने वाले वर्षों में डिजिटल पेमेंट, यूपीआई और आसान क्रेडिट सुविधाओं के कारण यह बाजार और तेजी से विस्तार करेगा।








