मसूरी। भीषण गर्मी से राहत पाने और पहाड़ों की ठंडी वादियों का आनंद लेने के लिए इन दिनों देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मसूरी का रुख कर रहे हैं। लेकिन पहाड़ों की खूबसूरती और सुहावने मौसम का आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों का स्वागत इस बार लंबे ट्रैफिक जाम ने किया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि जहां दिल्ली से देहरादून तक का सफर लगभग ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाता है, वहीं देहरादून से मसूरी की मात्र 31 किलोमीटर की दूरी तय करने में चार से पांच घंटे, और कई मामलों में इससे भी अधिक समय लग रहा है।
वीकेंड के दौरान मसूरी और उसके आसपास के इलाकों में वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों के कारण शहर की प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया। टिहरी बाईपास रोड, गांधी चौक, लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस, माल रोड और कैम्पटी फॉल मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई स्थानों पर वाहन घंटों तक रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मसूरी आने वाले पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के साथ कुछ सुकून भरे दिन बिताने की योजना बनाई थी, लेकिन ट्रैफिक जाम ने उनके पूरे कार्यक्रम को प्रभावित कर दिया। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और अन्य शहरों से आए पर्यटक प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन में हर साल ऐसी स्थिति बनती है, फिर भी ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जाती।
दिल्ली से आए एक पर्यटक ने बताया कि उन्हें देहरादून तक पहुंचने में केवल तीन घंटे का समय लगा, लेकिन वहां से मसूरी पहुंचने में लगभग आठ घंटे लग गए। उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस हुआ जैसे पूरी छुट्टी सड़क पर ही बीत गई हो। इसी तरह कई अन्य पर्यटकों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की मांग की।
स्थानीय लोगों को भी इस जाम से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। रोजमर्रा के कामों के लिए बाजार या अन्य स्थानों तक पहुंचने में भी सामान्य से कई गुना अधिक समय लग रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पर्यटक शहर तक पहुंच तो रहे हैं, लेकिन जाम के कारण उनका काफी समय सड़क पर ही निकल जा रहा है, जिससे पर्यटन अनुभव प्रभावित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मसूरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सड़क और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार उसी गति से नहीं हो पाया है। परिणामस्वरूप पर्यटन सीजन और वीकेंड के दौरान यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। शहर में सीमित पार्किंग क्षमता और संकरी सड़कों के कारण स्थिति और भी जटिल हो जाती है।
प्रशासन की ओर से ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई संवेदनशील स्थानों पर यातायात कर्मियों को लगाया गया है ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। हालांकि पर्यटकों का कहना है कि केवल पुलिस बल बढ़ाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए दीर्घकालिक योजनाओं, बेहतर पार्किंग व्यवस्था और वैकल्पिक यातायात मार्गों की आवश्यकता है।
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि मसूरी उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में जरूरी है कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए। यदि जाम की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसका असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल मसूरी की हरी-भरी वादियां और ठंडी हवाएं पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं, लेकिन ट्रैफिक जाम उनकी यात्रा का सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। आने वाले दिनों में यदि पर्यटकों की संख्या और बढ़ती है तो प्रशासन के सामने यातायात प्रबंधन की चुनौती और भी बड़ी हो सकती है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस समस्या का कितना प्रभावी समाधान निकाल पाता है।








