गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद भावनात्मक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाजियाबाद बिल्ली मौत मामला अब स्थानीय स्तर से उठकर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
लालकुआं निवासी कल्पना ने अपने पालतू जानवर की मौत को लेकर संजय नगर स्थित CFCU Pet Clinic पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गलत इलाज और चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उनकी पर्शियन नस्ल की फीमेल बिल्ली की जान चली गई।
दो साल से परिवार का हिस्सा थीं पालतू बिल्लियां
कल्पना ने बताया कि उनके घर में पिछले दो वर्षों से पर्शियन नस्ल की दो बिल्लियां—एक मेल और एक फीमेल—रह रही थीं। ये दोनों बिल्लियां परिवार के सदस्य की तरह थीं और उनके साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव था।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी बिल्लियों के पासपोर्ट तक बनवा रखे थे और उन्हें विदेश ले जाने की योजना बना रही थीं। ऐसे में अचानक हुई यह घटना उनके लिए बेहद दुखद और आघातपूर्ण साबित हुई।
रूटीन चेकअप से शुरू हुई परेशानी
कल्पना के अनुसार, वह अपनी फीमेल बिल्ली को रूटीन चेकअप के लिए CFCU Pet Clinic लेकर गई थीं, क्योंकि बिल्ली अपनी आंख ठीक से नहीं खोल पा रही थी। क्लीनिक में डॉक्टरों ने बिल्ली को डिहाइड्रेशन का मामला बताते हुए ड्रिप चढ़ाई और इंफेक्शन की आशंका जताई।
लेकिन इलाज के बाद बिल्ली की हालत में सुधार होने के बजाय और गिरावट आने लगी, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।
आईसीयू में भर्ती, अल्ट्रासाउंड में चौंकाने वाला खुलासा
अगले दिन जब कल्पना अपनी बिल्ली को दोबारा क्लीनिक लेकर पहुंचीं, तब उसकी हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कर लिया।
इस दौरान किए गए अल्ट्रासाउंड में यह सामने आया कि बिल्ली गर्भवती थी और उसके पेट में दो बच्चे मृत अवस्था में थे। यह जानकारी परिवार के लिए बेहद चौंकाने वाली थी।
ऑपरेशन के बाद भी नहीं बची जान
परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मृत बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बिल्ली की स्थिति अत्यंत नाजुक हो चुकी थी। हालत बिगड़ती देख कल्पना उसे नोएडा के एक अन्य अस्पताल लेकर गईं।
वहां इलाज के दौरान बिल्ली की मौत हो गई, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में आ गया।
गलत इलाज और लापरवाही के आरोप
कल्पना ने इस मामले में पुलिस और जिला पशु चिकित्सा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गलत निदान और लापरवाही के कारण उनकी बिल्ली की जान गई।
उन्होंने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जांच की मांग तेज, लोगों में आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
लोगों का कहना है कि पशु चिकित्सा क्षेत्र में लापरवाही के मामलों पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं।
क्लीनिक की ओर से अब तक कोई बयान नहीं
मामले में आरोपों के घेरे में आए CFCU Pet Clinic की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय: पशु चिकित्सा में भी जरूरी है सतर्कता
विशेषज्ञों का मानना है कि पालतू जानवरों के इलाज में भी उतनी ही सावधानी और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है जितनी इंसानों के इलाज में होती है। गलत इलाज या लापरवाही के कारण जान का नुकसान होना बेहद गंभीर मामला है।
निष्कर्ष: जवाबदेही पर बड़ा सवाल
कुल मिलाकर, गाजियाबाद बिल्ली मौत मामला केवल एक पालतू जानवर की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पशु चिकित्सा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
अब सभी की नजर इस मामले की जांच पर टिकी है कि क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।









