ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 में रविवार को एक शराब के ठेके को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सेक्टर-36 के गेट नंबर-2 के पास स्थित एक मॉल में खुले इस ठेके के खिलाफ सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर उतर आए। खास बात यह रही कि इस विरोध में महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी सबसे अधिक रही।
क्या हैं लोगों के आरोप?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शराब का ठेका नियमों की अनदेखी करते हुए खोला गया है। उनका कहना है कि यह ठेका:
- अस्पताल के बेहद करीब है
- स्कूल के पास स्थित है
- बच्चों और समाज पर गलत असर डाल रहा है
स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात तक यहां शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है।
RWA ने कई बार की शिकायत
सेक्टर-36 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष अजय भाटी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है।
- लिखित शिकायतें दी गईं
- संबंधित विभागों को अवगत कराया गया
- लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि ठेके को यहां से हटाया जाए या किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
महिलाओं ने जताई सुरक्षा चिंता
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
स्थानीय महिलाओं का कहना है:
- नशे में धुत लोग अभद्र टिप्पणियां करते हैं
- देर शाम के बाद बाहर निकलना मुश्किल हो गया है
- कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई
इससे क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं में असुरक्षा का माहौल बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय निवासी पहलाद ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में जरूरी सुविधाओं की बजाय शराब के ठेके तेजी से बढ़ रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी:
- एक महीने के भीतर ठेका नहीं हटाया गया तो बड़ा आंदोलन होगा
- सेक्टरवासी विरोध को और तेज करेंगे
पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा और स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा गया। लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी, हालांकि उनके विरोध में नाराजगी साफ दिखाई दी।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
यह मामला प्रशासन के लिए संतुलन बनाने की चुनौती बन गया है:
- एक ओर सरकार का राजस्व
- दूसरी ओर स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सामाजिक माहौल
दोनों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी है।
सेक्टर-36 के निवासियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या लोगों की चिंताओं का समाधान हो पाता है।









