देश में ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर चल रही मुहिम अब केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि जनप्रतिनिधियों के व्यवहार में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और Yogi Adityanath द्वारा ऊर्जा बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री Narendra Kashyap ने भी इस दिशा में बड़ा और प्रतीकात्मक कदम उठाया है।
सुरक्षा काफिले की दो गाड़ियां हटाईं
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अपने सरकारी सुरक्षा काफिले में शामिल चार वाहनों में से दो गाड़ियों को हटाने का फैसला किया है। अब वह केवल दो वाहनों के साथ ही यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल ईंधन बचत के लिए नहीं, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनका मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं सादगी और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो आम जनता भी उससे प्रेरित होगी।
छोटी दूरी के लिए नहीं करेंगे वाहन का इस्तेमाल
मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि Lucknow, विधानसभा, मंत्री आवास या Ghaziabad में यदि उन्हें 100, 200 या 500 मीटर जैसी छोटी दूरी तय करनी होगी तो वह वाहन का उपयोग नहीं करेंगे, बल्कि पैदल चलकर जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर वह सरकारी बस और रेल सेवा का भी उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि छोटी दूरी के लिए वाहनों का प्रयोग न केवल ईंधन की बर्बादी है बल्कि इससे पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
घरों में बिजली बचाने की भी अपील
ऊर्जा संरक्षण को लेकर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आम जनता से भी अपील की कि लोग अपने घरों में बिजली की अनावश्यक खपत रोकें। उन्होंने कहा कि जिस कमरे में व्यक्ति मौजूद हो, केवल वहीं की लाइट, पंखा या एसी चलना चाहिए। बाकी कमरों के विद्युत उपकरण बंद रखने की आदत डालनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार छोटी-छोटी सावधानियां अपनाए तो देश करोड़ों यूनिट बिजली और लाखों लीटर ईंधन की बचत कर सकता है।
बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच ऊर्जा संरक्षण पर जोर
मंत्री ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे समय में ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचाने से न केवल देश का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी मदद मिलेगी। इससे प्रदूषण कम होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक पैदल जाएंगे मंत्री
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बुधवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है और वह अपने आवास से मुख्यमंत्री कार्यालय तक पैदल ही जाएंगे। मंत्री ने कहा कि वह इस पहल को केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि एक सामाजिक अभियान के रूप में देख रहे हैं। उनका उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए।
ऊर्जा बचत को बताया हर नागरिक की जिम्मेदारी
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि लोग अपने दैनिक जीवन में थोड़ी सावधानी बरतें तो बड़े स्तर पर संसाधनों की बचत की जा सकती है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक एसी, पंखे और लाइट बंद रखने की अपील करते हुए कहा कि देशहित में सभी को ऊर्जा बचत का संकल्प लेना चाहिए।
मंत्री की पहल की हो रही सराहना
मंत्री के इस फैसले की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा हो रही है। कई लोगों ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि यदि अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इस प्रकार के कदम उठाएं तो समाज में ऊर्जा संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता पैदा हो सकती है।
ऊर्जा बचत अभियान को मिल सकती है नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा संकट और बढ़ती ईंधन लागत के दौर में इस तरह की पहल न केवल प्रतीकात्मक महत्व रखती है, बल्कि यह लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाने का माध्यम भी बन सकती है। मंत्री नरेंद्र कश्यप की यह पहल आने वाले समय में ऊर्जा बचत अभियान को नई दिशा दे सकती है।







