गाजियाबाद भूमाफियाओं से परेशान महिला ने लगाई सीएम योगी से गुहार, प्लॉट पर कब्जे की कोशिश का आरोप
2012 में अपनी जमा पूंजी से खरीदी थी जमीन, निर्माण कराने के बाद रात में तोड़फोड़ का दावा
जान से मारने की धमकी मिलने का भी आरोप, संपत्ति की सुरक्षा और न्याय की मांग
जनपद गाजियाबाद में अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए एक महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। मामला मेरठ रोड स्थित एक प्लॉट से जुड़ा है, जिसकी मालिक सरिता सिंधु हैं। महिला का आरोप है कि कुछ लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि प्लॉट पर निर्माण कार्य कराने के बाद रात के अंधेरे में उसे गिरा दिया जाता है। लगातार हो रही कथित घटनाओं से परेशान होकर महिला ने अब मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और अपनी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
2012 में जमा पूंजी लगाकर खरीदा था प्लॉट
सरिता सिंधु के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2012 में मेरठ रोड स्थित प्लॉट अपनी मेहनत की कमाई और जमा पूंजी लगाकर खरीदा था। जमीन खरीदने के पीछे उनका उद्देश्य अपनी संपत्ति सुरक्षित रखना था। हालांकि, महिला का आरोप है कि प्लॉट खरीदने के बाद से ही कुछ लोगों की नजर उनकी जमीन पर है। समय के साथ विवाद बढ़ता गया और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें अपनी संपत्ति पर कब्जा खोने का डर सताने लगा है।
महिला का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के लिए जीवनभर की कमाई से खरीदी गई संपत्ति बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि जमीन पर कब्जे की कोशिश की जाए और बार-बार निर्माण को नुकसान पहुंचाया जाए, तो संपत्ति मालिक के सामने गंभीर परेशानी खड़ी हो जाती है।
निर्माण कराने के बाद रात में तोड़फोड़ का आरोप
सरिता सिंधु ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य कराती हैं, तो रात के अंधेरे में निर्माण को गिरा दिया जाता है। महिला के अनुसार, इस तरह की कथित घटनाओं के चलते वह अपनी जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।
उनका आरोप है कि प्लॉट पर अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का बयान सामने आना अभी बाकी है। मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जमीन से जुड़े दस्तावेजों, निर्माण संबंधी तथ्यों और कथित तोड़फोड़ की घटनाओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
जान से मारने की धमकी मिलने का भी दावा
महिला ने अपनी शिकायत में जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रही कथित घटनाओं के कारण वह परेशान हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। संपत्ति विवाद के साथ धमकी मिलने का आरोप मामले को और गंभीर बनाता है।
सरिता सिंधु चाहती हैं कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि उन्हें अपनी ही जमीन की सुरक्षा के लिए अधिकारियों और प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग, प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
सरिता सिंधु ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए अपनी संपत्ति को कथित कब्जे से बचाने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिकायत के आधार पर जमीन के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की जांच, कथित अवैध कब्जे के प्रयासों की पड़ताल और धमकी के आरोपों की सत्यता की जांच की जरूरत है।
यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, महिला के आरोपों पर प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई या आधिकारिक बयान की जानकारी सामने नहीं आई है।
अब सवाल यह है कि अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाने वाली सरिता सिंधु को कब न्याय मिलेगा और उनकी जमीन को कथित कब्जे की कोशिशों से बचाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाएगा।






