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BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने सितंबर 2026 में भारत आ सकते हैं व्लादिमिर पुतिन

BPC News National Desk
4 Min Read

वैश्विक कूटनीति के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। Vladimir Putin इस साल सितंबर 2026 में भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। वह नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच सकते हैं। क्रेमलिन के सूत्रों के अनुसार, यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा।

भारत करेगा 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी

भारत वर्ष 2026 में BRICS समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इसके तहत 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में किया जाएगा। इस सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेता भाग लेंगे। ऐसे में पुतिन की संभावित यात्रा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सुकता बढ़ गई है।

भारत-रूस संबंधों को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का भारत दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं होगा, बल्कि यह भारत और रूस के बीच मजबूत होते संबंधों का संकेत भी देगा। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। खासकर Russia-Ukraine War के बाद वैश्विक समीकरणों में आए बदलाव ने इन संबंधों को नई दिशा दी है।

BRICS: पश्चिमी प्रभाव के विकल्प के रूप में उभरता मंच

BRICS मंच को वैश्विक स्तर पर पश्चिमी देशों के प्रभाव के विकल्प के रूप में देखा जाता है। इस संगठन का उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और वैश्विक आर्थिक संतुलन स्थापित करना है। भारत की अध्यक्षता में होने वाला यह शिखर सम्मेलन कई महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं का गवाह बन सकता है।

द्विपक्षीय वार्ताओं पर भी रहेगा फोकस

पुतिन की इस संभावित यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय वार्ताओं की भी संभावना है। इन चर्चाओं में रक्षा सौदों, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार विस्तार और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषय भी एजेंडे में रहेंगे।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

राजनयिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि भारत इस सम्मेलन के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करेगा। BRICS की अध्यक्षता भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके माध्यम से वह विकासशील देशों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठा सकता है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हालांकि, पुतिन की यात्रा को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन क्रेमलिन के सूत्रों से मिली जानकारी ने इस संभावना को मजबूत किया है। यदि यह दौरा तय होता है, तो यह भारत-रूस संबंधों के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ सकता है।

निष्कर्ष: दुनिया की नजरें होंगी नई दिल्ली पर

कुल मिलाकर, सितंबर 2026 में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम साबित हो सकता है। पुतिन की संभावित मौजूदगी इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना सकती है।

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