परचम लहराना था जापान में !
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने का सपना संजो रहे युवा पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या ने पूरे गाजियाबाद को झकझोर कर रख दिया है। अक्टूबर में जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाले चिराग का शव कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित साईं उपवन में मिलने से खेल जगत, परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
एक ऐसे खिलाड़ी की असमय मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है, जो कुछ ही महीनों बाद भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने की तैयारी कर रहा था।
उभरता खिलाड़ी था चिराग
मुरादनगर क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली गांव निवासी चिराग त्यागी देश के उभरते हुए पैरा खिलाड़ियों में गिने जाते थे। अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर उन्होंने खेल जगत में अलग पहचान बनाई थी। महज दो दिन पहले ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। इस जीत के साथ उन्होंने अक्टूबर में जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के लिए अपना स्थान भी सुनिश्चित कर लिया था।
चिराग की सफलता से उनका परिवार, गांव और खेल प्रेमी बेहद उत्साहित थे। हर किसी को उम्मीद थी कि वह जापान में भारत का तिरंगा बुलंद करेंगे और देश के लिए पदक जीतकर लौटेंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस खिलाड़ी के स्वागत की तैयारियां हो रही थीं, उसके निधन की खबर ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया।
एक फ़ोन कॉल और बस ?
परिजनों के अनुसार चिराग बुधवार सुबह घर से हॉस्टल जाने की बात कहकर निकले थे। काफी देर तक उनका कोई संपर्क नहीं हुआ तो परिवार को चिंता होने लगी। इसी बीच साईं उपवन क्षेत्र में एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में शव की पहचान चिराग त्यागी के रूप में हुई। पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक के कजिन आशीष त्यागी ने बताया कि चिराग का किसी से कोई विवाद नहीं था। उनका पूरा ध्यान अपने खेल और भविष्य की तैयारियों पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि परिवार को विश्वास नहीं हो रहा कि एक होनहार खिलाड़ी के साथ इतनी बड़ी घटना हो सकती है। परिजनों ने हत्या की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
खिलाड़ियों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि जिस खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से देश और जिले का नाम रोशन किया, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी। खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए सरकार और प्रशासन से जल्द खुलासा करने की मांग की है।
पुलिस की कारवाई
वहीं मामले में पुलिस भी सक्रिय नजर आ रही है। पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार दोपहर बाद सूचना मिली थी कि साईं उपवन क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है, जिसके आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों और हत्या के तरीके को लेकर और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल चिराग त्यागी की मौत ने पूरे गाजियाबाद को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ऐसा खिलाड़ी, जिसने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का टिकट हासिल किया था, अब इस दुनिया में नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उस चिराग को किसने और क्यों बुझा दिया, जो कुछ ही महीनों बाद जापान में भारत का तिरंगा लहराने का सपना देख रहा था। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं और सभी को उस दिन का इंतजार है जब इस हत्याकांड का सच सामने आएगा।






