Indian Medical Association की IMA Ghaziabad शाखा द्वारा चिकित्सकों और अस्पताल संचालकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से एक विशेष पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम IMA Bhawan में आयोजित हुआ, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान दस्तावेज़ीकरण, अस्पताल लाइसेंस, प्रशासनिक चुनौतियां, अग्नि सुरक्षा, एनएबीएच मान्यता और चिकित्सकों की कानूनी सुरक्षा जैसे मुद्दे मुख्य केंद्र में रहे।
प्रशासनिक और कानूनी जानकारी भी जरूरी: डॉ शलभ
कार्यक्रम का संचालन Santosh University के सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं इंटरनेशनल रिलेशन डायरेक्टर Dr. Shalabh ने किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सकों को केवल इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी भी आवश्यक है। इससे अस्पताल संचालन और मरीजों से जुड़े मामलों को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है।
आईएमए लगातार उठा रहा चिकित्सकों की समस्याएं
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद Dr. Sharad Agarwal ने कहा कि आईएमए अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि संगठन समय-समय पर सरकार और प्रशासन के सामने चिकित्सकों की समस्याओं को मजबूती से उठाता है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास करता है।
दस्तावेज़ीकरण को बताया सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
Dr. D. R. Rai ने अस्पतालों और चिकित्सकों के लिए दस्तावेज़ीकरण के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि:
- हर प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना जरूरी है,
- सही दस्तावेज़ कानूनी विवादों से बचाते हैं,
- और प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान यह सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित होते हैं।
पांच साल में एक बार होगा पंजीकरण
Dr. Rajeev Goyal ने बताया कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से वार्ता के बाद हर वर्ष होने वाली पंजीकरण प्रक्रिया को अब पांच वर्ष में एक बार करने की व्यवस्था लागू कराई गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ी हुई प्रदूषण लाइसेंस फीस को कम कराने के लिए प्रयास जारी हैं।
एनएबीएच मानकों पर जोर
हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष Dr. Shishir ने कहा कि आईएमए अस्पतालों को:
- मानक सुधारने,
- और एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने
में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्धारित मानकों के पालन को बेहद जरूरी बताया।
डॉक्टर डरें नहीं, पारदर्शिता से करें काम
Rajesh Sharma ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टरों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें पारदर्शिता और सद्भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने भी दस्तावेज़ीकरण को चिकित्सकों की सबसे बड़ी कानूनी सुरक्षा बताया।
पुलिस और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी
Surya Bali Maurya ने अस्पताल संचालकों से अपील की कि किसी भी संवेदनशील स्थिति में समय पर पुलिस को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि:
- प्रशासन और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय,
- भीड़भाड़ नियंत्रण,
- और विवाद की स्थिति को संभालने में मददगार साबित हो सकता है।
अग्नि सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
अग्निशमन विभाग के अधिकारी Gaurav Kumar ने बताया कि पिछले दो महीनों में लोनी क्षेत्र के अस्पतालों को लगभग 50 फायर लाइसेंस जारी किए गए हैं।
उन्होंने अस्पतालों से सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की।
बिना जांच कार्रवाई नहीं होगी: डॉ कल्पना कंसर्न
Dr. Kalpana Concern ने बताया कि उन्होंने Ghaziabad Development Authority के प्रवर्तन अधिकारी Yogesh Othak से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि केवल शिकायतों के आधार पर बिना जांच किसी अस्पताल या संस्थान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
भविष्य में भी होंगे ऐसे कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में Dr. Rajeev Tyagi ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि यह पैनल डिस्कशन चिकित्सकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।







