इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर भारत और इजरायल के मजबूत रिश्तों की खुलकर तारीफ की है। वैश्विक मंच पर लगातार आलोचनाओं और अपनी गिरती लोकप्रियता के बीच नेतन्याहू ने भारत को इजरायल का सबसे बड़ा समर्थक बताया। वेस्ट बैंक में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जहां इजरायल को अपनी वैधता साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, वहीं भारत में उसे जबरदस्त समर्थन और सम्मान मिल रहा है।
नेतन्याहू ने कहा कि “मुझे लगता है कि आबादी के हिसाब से इजरायल के सबसे ज्यादा प्रशंसक और फॉलोअर्स आज भारत में हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल को गाजा युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों में इजरायल की नीतियों को लेकर लोगों के बीच नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
हाल ही में जारी प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में इजरायल को लेकर नकारात्मक राय रखने वालों की संख्या बढ़ी है। अप्रैल 2026 में जारी रिपोर्ट के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी वयस्क इजरायल के प्रति नकारात्मक सोच रखते हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 53 प्रतिशत था। इसके अलावा आधे से अधिक अमेरिकी नागरिकों ने यह भी कहा कि उन्हें दुनिया के मामलों में नेतन्याहू के फैसलों पर बहुत कम या बिल्कुल भरोसा नहीं है।
इसी पृष्ठभूमि में नेतन्याहू का भारत की तारीफ करना काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और प्रभावशाली देश के साथ इजरायल के संबंध बेहद खास हैं। दोनों देशों के बीच बीते कुछ वर्षों में रक्षा, तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू की व्यक्तिगत दोस्ती भी दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई तक ले जाने में महत्वपूर्ण रही है।
नेतन्याहू ने अपनी लोकप्रियता में आई गिरावट के लिए पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सोशल मीडिया पर बॉट फार्म का इस्तेमाल कर अमेरिका और दूसरे देशों में इजरायल विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि उनके इस दावे को लेकर कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन उनका बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में डिजिटल प्रचार और सूचना युद्ध की बढ़ती भूमिका की ओर जरूर इशारा करता है।
यह पहली बार नहीं है जब नेतन्याहू ने भारत के प्रति अपने लगाव और वहां मिली लोकप्रियता का जिक्र किया हो। इससे पहले 2018 में भारत यात्रा के दौरान भी उन्होंने भारतीय जनता द्वारा मिले गर्मजोशी भरे स्वागत को याद किया था। उन्होंने कहा था कि भारत में इजरायल को लेकर लोगों के मन में बेहद सम्मान है और वहां की यात्रा उनके लिए “प्यार का उत्सव” जैसी थी।
उस दौरान नेतन्याहू अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ भारत आए थे। उन्होंने कहा था कि “भारत की आबादी 1.4 अरब है और वहां इजरायल बहुत लोकप्रिय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल में जिस तरह स्वागत हुआ, उसी तरह भारत में भी हमें अपार स्नेह मिला।”
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इजरायल के रिश्ते केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच भी एक मजबूत जुड़ाव बनता जा रहा है। आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, रक्षा साझेदारी और तकनीकी विकास ने दोनों देशों को एक-दूसरे के और करीब ला दिया है।
नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। ऐसे में भारत के प्रति उनकी सकारात्मक टिप्पणी यह दिखाती है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इजरायल भारत को अपने सबसे भरोसेमंद साझेदारों में से एक मानता है।








