अयोध्या बदहाल नालियों से ग्रामीण परेशान, सड़क पर बह रहा गंदा पानी
अयोध्या। विकासखंड मसौधा क्षेत्र के टोनिया मौजा स्थित काली पाण्डेय का पुरवा गांव में नालियों की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। गांव की कई नालियां जगह-जगह टूट चुकी हैं और उनकी नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे गांव की सड़कें कीचड़युक्त हो गई हैं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में लंबे समय से नालियों की मरम्मत और सफाई की अनदेखी की जा रही है। परिणामस्वरूप नालियों का पानी सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे आसपास गंदगी फैल रही है। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है। सड़क पर फैले गंदे पानी और कीचड़ के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
घरों के सामने पानी जमा रहता है
गांव निवासी रामकुमार ने बताया कि नालियों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि घरों के सामने पानी जमा रहता है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले छात्रों को झेलनी पड़ती है। बच्चे स्कूल जाते समय कीचड़ में फिसल जाते हैं, जबकि बुजुर्गों को चलने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर फैली गंदगी के कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।वहीं ग्रामीण संतोष कुमार यादव ने बताया कि हल्की बारिश होते ही स्थिति और भयावह हो जाती है। नालियों का पानी सड़क पर भर जाता है और कई जगह जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण उनमें कूड़ा-कचरा जमा हो जाता है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो जाती है। इसके चलते गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है और पूरे गांव का वातावरण दूषित हो रहा है।ग्रामीण हरिराम, सुंदर, रामप्रकाश, अनंत राम और अवधेश कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की क्षतिग्रस्त नालियों की जल्द मरम्मत कराई जाए और नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। मच्छरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि गांव में साफ-सफाई और बेहतर जल निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देता है और नालियों की मरम्मत एवं सफाई का कार्य शुरू कराया जाता है। फिलहाल गांव के लोग बदहाल नालियों और कीचड़युक्त सड़कों के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं।








