NH-719 को मिलेगी नई रफ्तार
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग NH-719 के दिन अब बदलने वाले हैं। करीब 11 वर्षों से जर्जर सड़क, खराब यातायात व्यवस्था और लगातार हो रहे हादसों से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ग्वालियर-भिंड-इटावा मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए आखिरकार टेंडर जारी कर दिए गए हैं। लंबे समय से सड़क की बदहाली को लेकर चल रहे आंदोलन और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद यह बड़ी पहल सामने आई है।
ग्वालियर से भिंड होते हुए इटावा तक जाने वाला यह राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन लंबे समय से सड़क की हालत खराब होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़कें और अधूरी मरम्मत के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से सड़क की मरम्मत और फोरलेन निर्माण की मांग लगातार उठाई जा रही थी। कई बार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन परियोजना फाइलों में ही अटकी रही। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा मिल सकेगी।
ग्वालियर-भिंड-इटावा फोरलेन परियोजना के लिए टेंडर जारी किए गए हैं
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से ग्वालियर-भिंड-इटावा फोरलेन परियोजना के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। परियोजना के तहत सड़क को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। इसमें चौड़ी सड़क, बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, सर्विस रोड, पुल और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यात्रा का समय कम होगा और सड़क हादसों में भी कमी आएगी।
व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण माल परिवहन में देरी होती थी और वाहन चालकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता था। फोरलेन बनने के बाद व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आसपास के जिलों का विकास भी तेज होगा।
सड़क की बदहाली को लेकर कई बार जनआंदोलन किए गए थे
भिंड और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार जनआंदोलन किए गए थे। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन तथा सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रदर्शन भी किए। लोगों का आरोप था कि खराब सड़क के कारण हर साल कई लोगों की जान जा रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभाग लंबे समय तक उदासीन बना रहा।राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा लगातार उठता रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के सामने कई बार मांग रखी थी। अब टेंडर जारी होने के बाद इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि NH-719 का फोरलेन बनने से ग्वालियर, भिंड और इटावा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे पर्यटन, उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस जैसी सुविधाओं को भी तेज गति से पहुंचने में मदद मिलेगी।हालांकि लोगों का कहना है कि केवल टेंडर जारी होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा होना भी जरूरी है। नागरिकों ने मांग की है कि परियोजना की नियमित निगरानी की जाए ताकि काम में किसी तरह की लापरवाही न हो।
फिलहाल 11 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद NH-719 फोरलेन परियोजना को लेकर क्षेत्र में खुशी और उम्मीद का माहौल है। लोगों को भरोसा है कि यह सड़क आने वाले समय में विकास की नई राह खोलेगी और यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम सफर का अनुभव मिलेगा।








