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हरिद्वार में दो बाघों की मौत मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता, तीन और आरोपी गिरफ्तार

BPC News National Desk
5 Min Read

टाइगर डेथ केस: उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद की श्यामपुर रेंज में दो बाघों की संदिग्ध मौत के मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले की जांच कर रही टीम ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान:

  • आशिक पुत्र गामा
  • जुप्पी पुत्र अल्लू
  • यूसुफ पुत्र कालू

के रूप में हुई है। इससे पहले भी मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया था।

लगातार हो रही गिरफ्तारियों से वन विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे शिकार नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

जंगल में मिले थे दो बाघों के शव

कुछ दिन पहले हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज अंतर्गत सजनपुर बीट के जंगल में दो बाघों के शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।

सबसे पहले करीब दो वर्षीय नर बाघ का शव बरामद हुआ था, जिसके:

  • चारों पैर कटे हुए थे
  • शव जंगल में पड़ा मिला था

इसके अगले दिन पास ही एक गदेरे में मादा बाघ का शव भी बरामद हुआ। बताया गया कि दोनों बाघ भाई-बहन थे और उनकी उम्र लगभग दो वर्ष थी।

बाघिन के शव को पत्तों के नीचे छिपाने की कोशिश की गई थी और उसके भी पैर काटे गए थे।

जहरीला मांस खिलाकर किया गया शिकार

प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि शिकारियों ने जंगल में एक भैंस के शव पर जहरीला पदार्थ छिड़का था। उसी जहरीले मांस को खाने से दोनों बाघों की मौत हुई।

इसके बाद आरोपियों ने उनके शरीर के अंग काटकर वन्यजीव तस्करी से जुड़े गिरोह तक पहुंचाने की योजना बनाई थी।

वन विभाग को मुखबिर से वन गुर्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च अभियान चलाया गया और यह पूरा मामला सामने आया।

वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की जांच तेज

वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार जंगलों और आसपास के इलाकों में दबिश दे रही थी। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से वन क्षेत्र में सक्रिय थे और उन्हें जंगल की पूरी जानकारी थी।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि:

  • क्या यह संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह है
  • इसके तार दूसरे राज्यों से जुड़े हैं या नहीं
  • शिकार में और कितने लोग शामिल हैं

पूछताछ में मिले अहम सुराग

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए:

  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो
  • अन्य सुरक्षा एजेंसियों

को भी सतर्क कर दिया गया है।

मृत बाघों की मां की तलाश जारी

सबसे चिंता की बात यह है कि मृत बाघों की मां अभी तक लापता बताई जा रही है। वन विभाग की टीमें उसकी तलाश में लगातार जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

अधिकारियों को आशंका है कि उसके साथ भी कोई अनहोनी हो सकती है।

तलाश के लिए:

  • ड्रोन कैमरे
  • ट्रैकिंग टीमें
  • विशेष वनकर्मी

लगातार निगरानी कर रहे हैं।

वन्यजीव संरक्षण पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड के जंगल बाघों के लिए महत्वपूर्ण आवास माने जाते हैं और इस तरह की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ा खतरा हैं।

बाघ:

  • पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं
  • जंगलों की जैव विविधता के लिए जरूरी हैं

यदि शिकार और तस्करी की घटनाएं बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर पूरे जंगल तंत्र पर पड़ सकता है।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

लगातार हो रही गिरफ्तारियों से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा और वन्यजीवों के शिकार में शामिल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सकेगा।

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