वीकेंड और चारधाम यात्रा से बढ़ा ट्रैफिक दबाव में वीकेंड, चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते रविवार को सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला। राज्य के कई प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर लंबा जाम लगने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में,, और शामिल रहे।
हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर लंबा जाम
चारधाम यात्रा के कारण इन दिनों उत्तराखंड में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच रही है। इसके साथ ही गर्मियों की छुट्टियों और वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
रविवार सुबह से ही हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए और कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को घंटों लग गए।
ऋषिकेश में लागू करना पड़ा डायवर्जन
ऋषिकेश में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन को कई मार्गों पर डायवर्जन लागू करना पड़ा।
हालांकि इससे कुछ मार्गों पर राहत मिली, लेकिन यात्रियों को लंबा अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। गर्मी और उमस के बीच कई पर्यटक घंटों जाम में फंसे रहे। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मसूरी में भी चरमराई यातायात व्यवस्था
में भी पर्यटन सीजन के चलते भारी भीड़ देखने को मिली।
माल रोड, लाइब्रेरी चौक और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि कई जगह लंबा जाम लग गया। पर्यटक अपनी गाड़ियों में घंटों फंसे रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल पर्यटन सीजन के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। पार्किंग की कमी और संकरी सड़कों के कारण यातायात व्यवस्था बार-बार प्रभावित हो रही है।
कैंची धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
में रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
बताया गया कि एक दिन में 27 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से आसपास के मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में घंटों का समय लगा। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने ट्रैफिक नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।
ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार बढ़ती भीड़ और जाम की समस्या ने राज्य की ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में धार्मिक और सामान्य पर्यटन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उसी अनुपात में सड़क और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में सीमित सड़क क्षमता के कारण थोड़ी अधिक भीड़ भी बड़े जाम का कारण बन जाती है।
व्यापारियों और पर्यटकों ने जताई चिंता
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बढ़ता पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन यदि यातायात व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो इसका असर पर्यटन उद्योग पर पड़ सकता है।
कई पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की मांग की है।
प्रशासन ने जारी की अपील
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर लें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें।
इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्ग और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
बढ़ती भीड़ बनी बड़ी चुनौती
देवभूमि उत्तराखंड इन दिनों आस्था और पर्यटन का बड़ा केंद्र बना हुआ है, लेकिन बढ़ती भीड़ के साथ ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं की चुनौती भी गंभीर होती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी योजना नहीं बनाई गई तो आने वाले दिनों में वीकेंड और छुट्टियों के दौरान हालात और अधिक मुश्किल हो सकते हैं।








