Ghaziabad Development Authority की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम आवासीय योजना को किसानों का लगातार समर्थन मिल रहा है।
योजना के द्वितीय चरण में बड़ी संख्या में किसान अपनी भूमि की सहमति प्राधिकरण को सौंप रहे हैं, जिससे परियोजना के विकास कार्यों को नई गति मिली है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि किसानों की सकारात्मक भागीदारी से यह साफ हो गया है कि क्षेत्र के लोग इस योजना को गाजियाबाद के भविष्य के आधुनिक और सुनियोजित विकास के रूप में देख रहे हैं।
शाहपुर निजमोरटा और नगला फिरोज मोहनपुर में बढ़ी सहमति
इसी क्रम में ग्राम शाहपुर निजमोरटा के किसानों ने लगभग 25 एकड़ से अधिक भूमि की सहमति प्राधिकरण को प्रदान की है।
वहीं ग्राम नगला फिरोज मोहनपुर में भी पिछले तीन दिनों के भीतर करीब 15 एकड़ कृषि भूमि के लिए किसानों की सहमति प्राप्त हुई है। लगातार बढ़ती सहमतियों से प्राधिकरण उत्साहित है और योजना के अगले चरणों को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
501 हेक्टेयर में विकसित होगी आधुनिक टाउनशिप
हरनंदीपुरम योजना को Ghaziabad Development Authority की सबसे महत्वपूर्ण भविष्य उन्मुख टाउनशिप परियोजनाओं में गिना जा रहा है।
इस योजना को लगभग 501 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में दो चरणों में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। प्राधिकरण का उद्देश्य यहां एक आधुनिक, हाईटेक और सुव्यवस्थित आवासीय शहर विकसित करना है, जहां नागरिकों को बेहतर जीवनशैली और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया शहर
योजना के तहत चौड़ी और आधुनिक सड़कें, हरित क्षेत्र, थीम आधारित पार्क, आवासीय और व्यावसायिक सेक्टर, अत्याधुनिक जल निकासी व्यवस्था और बेहतर यातायात सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक आधारभूत ढांचे पर विशेष फोकस किया जा रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि हरनंदीपुरम योजना आने वाले वर्षों में गाजियाबाद के शहरी विकास का नया केंद्र बन सकती है।
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास कार्य
प्राधिकरण द्वारा योजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है ताकि भूमि उपलब्ध होते ही सेक्टरवार विकास कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।
योजना क्षेत्र का टोपोग्राफिकल और सेटेलाइट सर्वे भी कराया जा चुका है, जिससे विकास कार्यों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इस टाउनशिप को स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
किसानों के साथ संवाद पर जोर
Ghaziabad Development Authority के उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जाए और उनकी समस्याओं तथा सुझावों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों को किसानों से सीधे संपर्क स्थापित कर सहमति और बैनामा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्राधिकरण का मानना है कि किसानों के विश्वास और सहयोग से ही योजना को समय पर पूरा किया जा सकेगा।
स्थानीय लोगों को दिख रही विकास की उम्मीद
स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि क्षेत्र में आधुनिक टाउनशिप विकसित होती है तो इससे आसपास के गांवों में रोजगार, व्यापार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।
बेहतर सड़क नेटवर्क और आधुनिक सुविधाओं के कारण क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यही वजह है कि बड़ी संख्या में किसान योजना के समर्थन में आगे आ रहे हैं।
गाजियाबाद के विकास को मिल सकती है नई दिशा
हाल ही में Ghaziabad Development Authority बोर्ड ने हरनंदीपुरम योजना के द्वितीय चरण सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की थी। इसके बाद से योजना को लेकर गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह परियोजना आने वाले समय में गाजियाबाद के रियल एस्टेट और आर्थिक विकास को नई दिशा दे सकती है।
भविष्य की बड़ी आवासीय परियोजना बनने की ओर बढ़ता हरनंदीपुरम
हरनंदीपुरम योजना को लेकर जिस तरह किसानों की भागीदारी बढ़ रही है, उससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में यह परियोजना गाजियाबाद की सबसे बड़ी और आधुनिक आवासीय योजनाओं में शामिल हो सकती है।









