गाजियाबाद में सर्राफा कारोबारियों और स्वर्णकार समाज ने हाल ही में सामने आई उस अपील पर नाराजगी जताई है, जिसमें एक वर्ष तक सोना-चांदी की खरीदारी से बचने की बात कही गई थी।
इस कथित अपील के बाद पूरे सर्राफा बाजार में चिंता का माहौल बन गया है। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कारोबार प्रभावित है।
लाखों परिवारों की आजीविका पर संकट की आशंका
व्यापारियों का कहना है कि अगर खरीदारी पूरी तरह प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर लाखों कारीगरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा।
स्वर्णकार समाज का मानना है कि सर्राफा उद्योग केवल आभूषणों का कारोबार नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जिससे सरकार को जीएसटी और अन्य करों के रूप में राजस्व मिलता है।
स्वर्णकार समाज की नाराजगी
अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्रीय महासचिव रवि वर्मा ने कहा कि पिछले एक वर्ष में सोने की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे ग्राहकों की संख्या पहले ही घट चुकी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में किसी भी प्रकार की खरीदारी रोकने की अपील व्यापार के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है।
संस्कृति और परंपरा से जुड़ा है सोना-चांदी का कारोबार
गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष शिशुपाल वर्मा ने कहा कि भारत में सोना-चांदी केवल निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति का हिस्सा भी है।
शादी, त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में इसकी अहम भूमिका रहती है, इसलिए इस तरह की अपील से बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही है।

छोटे कारीगरों पर सबसे ज्यादा असर
स्वर्णकार संघ के वरिष्ठ नेता दिनेश वर्मा ने कहा कि यदि बाजार कमजोर होता है तो सबसे अधिक नुकसान छोटे कारीगरों और पारंपरिक स्वर्णकार परिवारों को होगा।
उन्होंने बताया कि पहले ही बढ़ती लागत और घटती बिक्री ने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कारोबारियों की बढ़ती परेशानी
मोदीनगर के दर्पण ज्वेलर्स के संचालक नवाब सोनी ने कहा कि अब ग्राहक केवल जरूरत पड़ने पर ही खरीदारी कर रहे हैं।
वहीं शिव भोला ज्वेलर्स के नीरज सोनी का कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो व्यापारियों को कर्मचारियों की संख्या घटानी पड़ सकती है।
अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान
व्यापारियों का मानना है कि सोना-चांदी का कारोबार देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लाखों लोग इस उद्योग से जुड़े हैं और यदि बाजार में मंदी आती है तो इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण पहले से ही सोने के बाजार पर दबाव है।
ऐसे में किसी भी तरह की अपील या बयान बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकता है और निवेशकों के भरोसे पर असर डाल सकता है।
सरकार से स्पष्टता की मांग
फिलहाल गाजियाबाद समेत कई शहरों के सर्राफा व्यापारी सरकार से स्पष्ट नीति और भरोसे की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो इसका असर न केवल कारोबार पर बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका पर भी पड़ेगा।








