देहरादून। उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हेल्प क्रॉस ट्रस्ट, देहरादून ने एक सराहनीय पहल की है। नए शैक्षिक सत्र 2026–27 के अवसर पर ट्रस्ट ने जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम सामग्री और स्टेशनरी किट वितरित की।
चकराता क्षेत्र के स्कूलों में हुआ वितरण कार्यक्रम
यह वितरण कार्यक्रम देहरादून जिले के चकराता ब्लॉक और तहसील के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किया गया।
इसमें शामिल स्कूल:
- पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज भटाड (कथ्यान)
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय नईली
- राजकीय इंटर कॉलेज केराड
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय घुतियाखाटल
इन स्कूलों में छात्रों को स्टेशनरी किट प्रदान की गई।
बच्चों को मिली जरूरी शैक्षिक सामग्री
किट में शामिल सामग्री:
- कॉपी और नोटबुक
- पेन और पेंसिल
- ज्योमेट्री बॉक्स
- पेंसिल बॉक्स
- क्रेयॉन कलर
- रबर और शार्पनर
- स्कूल बैग
इस पहल से बच्चों में खास उत्साह और खुशी देखने को मिली।
ट्रस्ट का उद्देश्य: हर बच्चे तक शिक्षा
हेल्प क्रॉस ट्रस्ट के संस्थापक सचिव विशाल थापा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा केवल संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा:
- हर साल ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं
- दूरस्थ गांवों में शिक्षा सहायता पहुंचाई जाती है
- बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाता है
शिक्षा के माध्यम से भविष्य निर्माण
संस्था का मानना है कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
विशाल थापा ने कहा कि:
- शिक्षा से बच्चों का भविष्य सुधरता है
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ती है
- समाज में समान अवसर मिलते हैं
शिक्षकों और विद्यालयों ने की सराहना
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने ट्रस्ट की इस पहल की प्रशंसा की।
प्रधानाध्यापक विवेक शर्मा और अन्य शिक्षकों ने:
- ट्रस्ट को सम्मानित किया
- इस प्रयास को प्रेरणादायक बताया
- बच्चों के लिए उपयोगी कदम कहा
ट्रस्ट के सदस्य और टीम की भूमिका
इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के कई सदस्य शामिल रहे, जिनमें:
- शांति थापा
- उर्मिला तमांग
- करन बहादुर थापा
- विपरल थापा
- नरेंद्र थापा
- वंशिका थापा
- ज्योति राना
- दीक्षा राना
इसके अलावा आकाश छेत्री और कृष्ण बहादुर खत्री ने कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को नई दिशा
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को बेहद सराहनीय बताया।
उनका कहना है कि:
- दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा
- बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा
- सामाजिक विकास में मदद मिलेगी
निष्कर्ष
हेल्प क्रॉस ट्रस्ट की यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों की मदद कर रही है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी है।








