उत्तराखंड के ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। देवप्रयाग और श्रीनगर के बीच मुल्या गांव के पास एक टाटा अल्ट्रोज कार और डंपर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए।
जानकारी के अनुसार, टाटा अल्ट्रोज कार श्रीनगर से देवप्रयाग की ओर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे डंपर से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े।
एयरबैग खुलने से बची यात्रियों की जान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना बेहद भयावह थी और कार की हालत देखकर किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि कार में लगे एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे कार सवार यात्रियों को गंभीर चोटें नहीं आईं।
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कार में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
कुछ देर प्रभावित रहा हाईवे यातायात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। हादसे के कारण कुछ समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई।
पहाड़ी मार्गों पर सावधानी जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर लगातार बढ़ते भारी वाहनों और तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी मार्ग होने की वजह से यहां विशेष सावधानी की जरूरत होती है, लेकिन कई बार लापरवाही बड़े हादसों का कारण बन जाती है।
लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को और मजबूत करने की मांग की है।
सुरक्षा फीचर्स की अहमियत फिर आई सामने
इस हादसे के बाद आधुनिक वाहनों में दिए जा रहे सुरक्षा फीचर्स की अहमियत एक बार फिर सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरबैग, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरण सड़क दुर्घटनाओं के दौरान जीवन रक्षक साबित होते हैं।
यदि एयरबैग समय पर नहीं खुलते, तो यह हादसा कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।
पुलिस ने जारी की अपील
पुलिस ने वाहन चालकों से पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और ओवरटेकिंग से बचने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
फिलहाल इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, जिसे प्रशासन और स्थानीय लोग बड़ी राहत मान रहे हैं।






