Ghaziabad के Crossing Republik थाना क्षेत्र में पुलिस की बहादुरी और तत्परता का एक सराहनीय मामला सामने आया है। बाइपास चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक Sachin Bhadana ने अपनी जान जोखिम में डालकर गैस सिलेंडर में लगी आग पर काबू पाया और एक बड़े हादसे को टाल दिया।
यह घटना सिद्धार्थ विहार की बागू कॉलोनी की है, जहां खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से न केवल एक परिवार सुरक्षित बच गया, बल्कि आसपास के कई मकानों को भी नुकसान होने से बचा लिया गया।
खाना बनाते समय लगी सिलेंडर में आग
जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ विहार बागू कॉलोनी स्थित एक मकान में परिवार के लोग खाना बना रहे थे। इसी दौरान गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए।
घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण लोगों को आशंका थी कि यदि सिलेंडर फट गया तो बड़ा विस्फोट हो सकता है।
पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही बाइपास चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सचिन भड़ाना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आग की भयावह स्थिति देखकर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बिना किसी देरी के खुद कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सिलेंडर पूरी तरह आग की लपटों में घिरा हुआ था और कोई भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। लेकिन एसआई सचिन भड़ाना ने अपनी जान की परवाह किए बिना जलते हुए सिलेंडर को बाहर निकाला और गीला कपड़ा डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
कुछ ही देर में उन्होंने आग पर काबू पा लिया और संभावित बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों ने की पुलिस की सराहना
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि कुछ मिनट की भी देरी हो जाती तो सिलेंडर फट सकता था और आसपास के कई मकान इसकी चपेट में आ सकते थे।
लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। कई लोगों ने एसआई सचिन भड़ाना को “रियल हीरो” बताते हुए सम्मानित करने की मांग भी की।
पुलिस अधिकारियों ने भी की तारीफ
पुलिस अधिकारियों ने उपनिरीक्षक सचिन भड़ाना की बहादुरी और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता और मानवता की चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने समय पर पहुंचकर जिस तरह हालात संभाले, उससे कई परिवारों की जान सुरक्षित बच गई।







