Dehradun में शुक्रवार को उस समय प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई, जब Ganesh Joshi अचानक इलेक्ट्रिक स्कूटर से UPNL मुख्यालय पहुंच गए। मंत्री का यह सादा और अलग अंदाज देखकर मुख्यालय में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी हैरान रह गए।
वीआईपी गाड़ियों और लंबे काफिलों के बजाय मंत्री को सामान्य इलेक्ट्रिक स्कूटर पर कार्यालय पहुंचता देख पूरे दफ्तर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मंत्री ने पहुंचते ही कार्यालय के विभिन्न अनुभागों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया।
कार्यालय व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने:
- कर्मचारियों की उपस्थिति जांची,
- लंबित फाइलों की स्थिति देखी,
- और कार्यालय की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली तथा कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद मंत्री ने वर्तमान ईंधन संकट और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- उपनल मुख्यालय में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था लागू की जाए।
- जिन कार्यों को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा सकता है, उन्हें घर से संचालित करने की व्यवस्था विकसित की जाए।
मंत्री ने कहा कि इससे:
- ईंधन की बचत होगी,
- ट्रैफिक दबाव कम होगा,
- और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
हर शनिवार रहेगा “नो व्हीकल डे”
मंत्री गणेश जोशी ने प्रत्येक शनिवार को “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाने की घोषणा भी की।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि:
- शनिवार को निजी वाहनों का न्यूनतम उपयोग करें,
- सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें,
- और अधिकतम कार्य ऑनलाइन माध्यम से निपटाएं।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं और इसकी शुरुआत सरकारी विभागों से ही होनी चाहिए।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर
मंत्री ने कार्यालय में डाक और प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग किए जा रहे इलेक्ट्रिक स्कूटर की सराहना की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन:
- पर्यावरण के लिए बेहतर हैं,
- ईंधन खर्च कम करते हैं,
- और भविष्य की जरूरत हैं।
उन्होंने अन्य सरकारी विभागों से भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की।
मंत्री बोले — ऊर्जा बचत समय की जरूरत
मंत्री गणेश जोशी ने कहा:
“ऊर्जा और ईंधन की बचत आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यदि सरकारी तंत्र स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करेगा तो आम जनता भी इससे प्रेरित होगी।”
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों की बचत को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना होगा।
अधिकारी भी रहे मौजूद
औचक निरीक्षण के दौरान:
- मेजर जनरल शम्मी सभरवाल (सेनि.)
- ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि.)
- और मेजर हिमांशु रौतेला (सेनि.)
भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न योजनाओं और विभागीय व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
चर्चा का विषय बनी पहल
मंत्री गणेश जोशी की यह पहल प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि जब मंत्री स्वयं इलेक्ट्रिक स्कूटर से कार्यालय पहुंचकर ऊर्जा संरक्षण का संदेश दे सकते हैं, तो आम लोगों और अन्य अधिकारियों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते ईंधन संकट और प्रदूषण की चुनौती के बीच इस तरह की पहल “ग्रीन गवर्नेंस” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।









