Nepal Tourism Board ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि भारतीय नागरिकों के लिए नेपाल आने पर नई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भारत से नेपाल आने वाले पर्यटकों के लिए किसी नई अनिवार्य पहचान जांच या यात्रा प्रतिबंध की घोषणा नहीं की गई है।
जोगबनी सीमा चौकी को लेकर फैली थीं खबरें
हाल ही में कुछ नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर सामने आई थी कि Jogbani Border Checkpost से नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद अवैध घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
इसके अलावा कुछ खबरों में यह भी कहा गया कि भारतीय पर्यटकों के नेपाल में ठहरने की अवधि 30 दिनों तक सीमित कर दी गई है और निर्धारित समय से अधिक रुकने पर वाहनों को जब्त किया जा सकता है।
अफवाहों से पर्यटकों और ट्रैवल इंडस्ट्री में बढ़ा भ्रम
इन खबरों के वायरल होने के बाद भारतीय पर्यटकों और यात्रा व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। खासकर वे लोग जो नेपाल यात्रा की योजना बना रहे थे, उनके मन में नई नियमावली को लेकर कई सवाल उठने लगे। इसके बाद नेपाल पर्यटन बोर्ड को आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा- खबरें पूरी तरह गलत
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि अलग-अलग मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नेपाल यात्रा को लेकर फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह गलत, आधारहीन और गुमराह करने वाली है। बोर्ड ने कहा कि नेपाल सरकार की ओर से भारतीय पर्यटकों के लिए किसी नई पाबंदी या अतिरिक्त नियम की घोषणा नहीं की गई है।
भारत-नेपाल के बीच पहले की तरह जारी है खुली सीमा व्यवस्था
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि नेपाल और India के बीच वर्षों से मैत्रीपूर्ण और खुली सीमा व्यवस्था लागू है, जिसके तहत दोनों देशों के नागरिक आसानी से एक-दूसरे के देश में यात्रा करते हैं। भारतीय नागरिकों के लिए नेपाल पर्यटन और यात्रा को लेकर जो नियम पहले से लागू हैं, उनमें किसी प्रकार का नया बदलाव नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें न फैलाने की अपील
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहें दोनों देशों के बीच पर्यटन और आपसी संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं। बोर्ड ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि वे बिना आधिकारिक पुष्टि के इस प्रकार की खबरें प्रसारित न करें। साथ ही लोगों से भी अनुरोध किया गया कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
भारतीय पर्यटकों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल है नेपाल
विशेषज्ञों का मानना है कि Nepal भारतीय पर्यटकों के लिए सबसे लोकप्रिय विदेशी पर्यटन स्थलों में से एक है। हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु, पर्यटक और कारोबारी नेपाल जाते हैं। ऐसे में गलत और भ्रामक खबरें पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
ट्रैवल एजेंसियों ने किया स्पष्टीकरण का स्वागत
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने भी नेपाल पर्यटन बोर्ड के स्पष्टीकरण का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती तो इससे नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती थी। कई ट्रैवल एजेंसियों को भी यात्रियों के सवालों और चिंताओं का सामना करना पड़ रहा था।
भारत-नेपाल के संबंध लंबे समय से मजबूत
भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संबंध बेहद पुराने और मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवागमन लंबे समय से सहज और सरल रहा है। यही कारण है कि नेपाल भारतीय पर्यटकों के लिए धार्मिक यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और प्राकृतिक सौंदर्य के लिहाज से बेहद पसंदीदा स्थान माना जाता है।
डिजिटल दौर में सही जानकारी देना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में गलत सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, इसलिए सरकारों और आधिकारिक संस्थाओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे समय पर सही जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी स्पष्टीकरण को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यात्रा नियमों में कोई बदलाव नहीं
फिलहाल नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय पर्यटकों के लिए यात्रा नियमों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है और पहले की तरह दोनों देशों के बीच आवागमन सामान्य रूप से जारी रहेगा।







