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हरिद्वार के जंगल में दो बाघों के शव मिलने से सनसनी, मां की तलाश जारी; शिकार की आशंका से वन विभाग अलर्ट

BPC News National Desk
5 Min Read

उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में स्थित श्यामपुर रेंज के जंगल में दो बाघों के शव मिलने से वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामला इतना गंभीर है कि इसकी गूंज हरिद्वार से लेकर देहरादून और दिल्ली तक सुनाई दे रही है।

वन विभाग को आशंका है कि दोनों बाघों का शिकार सुनियोजित तरीके से किया गया है। फिलहाल मामले में एक वन गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके तीन साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।

पहले मिला नर बाघ का शव

जानकारी के अनुसार हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज अंतर्गत सजनपुर बीट के जंगल में 18 मई की शाम सर्च अभियान के दौरान करीब दो वर्षीय नर बाघ का शव बरामद हुआ था।

बाघ के:

  • चारों पैर कटे हुए मिले
  • खाल और दांत सुरक्षित पाए गए

इस घटना ने वन अधिकारियों को चौंका दिया। प्रारंभिक जांच में मामला वन्यजीव तस्करी और शिकार से जुड़ा माना जा रहा है।

अगले दिन मिली बाघिन की लाश

वन विभाग की टीम अभी इस मामले की जांच कर ही रही थी कि अगले ही दिन यानी 19 मई को उसी क्षेत्र में करीब 150 मीटर की दूरी पर एक मादा बाघ का शव भी बरामद हुआ।

बताया जा रहा है कि:

  • मादा बाघ की उम्र भी लगभग दो वर्ष थी
  • दोनों बाघ भाई-बहन थे

बाघिन के शव को एक गदेरे में पत्तों के नीचे छिपाकर रखा गया था। उसके भी पैर काटे गए थे, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि वन्यजीव तस्करों ने शिकार के बाद सबूत छिपाने की कोशिश की।

जहरीली भैंस से रची गई साजिश?

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से एक मृत भैंस का शव भी बरामद किया गया है। जांच में यह बात सामने आई है कि भैंस के शव पर पहले जहरीला पदार्थ छिड़का गया था।

इसके बाद:

  • बाघों ने भैंस को खाया
  • जहरीले पदार्थ के असर से उनकी मौत हो गई

वन विभाग का मानना है कि यह पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी।

वन गुर्जरों की गतिविधियां थीं संदिग्ध

सूत्रों के मुताबिक वन विभाग को इलाके में वन गुर्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पहले ही मिल चुकी थी। मुखबिर की सूचना के बाद विभाग ने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान यह पूरा मामला सामने आया।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए:

  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो
  • अन्य जांच एजेंसियों

से भी संपर्क किया जा रहा है।

अब मां की तलाश में जुटा हरिद्वार वन विभाग

सबसे बड़ी चिंता अब इन दोनों बाघों की मां को लेकर बनी हुई है। वन विभाग को आशंका है कि उसके साथ भी कोई अनहोनी हो सकती है।

इसी कारण जंगल में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए:

  • ड्रोन कैमरों
  • ट्रैकिंग टीमों
  • विशेष निगरानी दल

की मदद ली जा रही है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर डेरा डाले हुए हैं।

वन्यजीव सुरक्षा पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड के जंगलों में बाघों की संख्या बढ़ना वन्यजीव संरक्षण की सफलता मानी जाती रही है, लेकिन इस तरह की घटनाएं वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

बाघों का शिकार:

  • पर्यावरण के लिए खतरा
  • जैव विविधता पर असर
  • जंगल के प्राकृतिक संतुलन के लिए नुकसानदायक

माना जाता है।

जांच जारी, फरार आरोपियों की तलाश तेज

फिलहाल वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और फरार लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।

इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है और सरकार पर जंगलों में निगरानी बढ़ाने का दबाव भी बढ़ गया है।

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