देहरादून: Vyo School of Infinite Learning ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई सोच और अनूठे दृष्टिकोण के साथ अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत की। Maldevta के शांत और प्राकृतिक वातावरण में आयोजित इस भव्य उद्घाटन समारोह ने परंपरा, प्रकृति और माइंडफुल एजुकेशन का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बच्चों, अभिभावकों और विशिष्ट अतिथियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
मुख्य अतिथियों ने किया विधिवत शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Ranveer Singh Chauhan (एमडी, Panacea Hospital) और गेस्ट ऑफ ऑनर Shubham Chandel (डायरेक्टर, पैनाशिया हॉस्पिटल) ने दीप प्रज्वलन कर स्कूल का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने संस्थापकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रकृति के बीच इस तरह की पहल भविष्य की पीढ़ी को बेहतर दिशा देगी और बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रकृति के बीच अनुभवात्मक शिक्षा की झलक
कार्यक्रम की शुरुआत गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ हुई, जहां हल्के एम्बिएंट म्यूज़िक ने पूरे माहौल को शांत और सुकून भरा बना दिया। छोटे-छोटे बच्चों ने नेचर से प्रेरित गतिविधियों में हिस्सा लेकर स्कूल की एक्सपीरिएंशियल और हैंड्स-ऑन लर्निंग पद्धति की झलक पेश की।
यह स्पष्ट था कि Vyo School of Infinite Learning पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से हटकर बच्चों को अनुभव के माध्यम से सीखने पर जोर देता है।
‘व्यो’ की अवधारणा और समग्र विकास पर फोकस
स्कूल के सेंटर हेड ने इस अवसर पर संस्थान की मूल अवधारणा और दर्शन को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह केवल एक प्रीस्कूल नहीं, बल्कि एक वेलनेस और फॉरेस्ट कैंपस है, जहां बच्चों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
स्कूल के संस्थापक Shashi Bhushan की सोच पर आधारित ‘व्यो’ नाम ‘व्योम’ से लिया गया है, जो असीम संभावनाओं और अनंत विकास का प्रतीक है। उनका मानना है कि हर बच्चा अपने भीतर अपार क्षमता रखता है, जिसे सही वातावरण में स्वतंत्र रूप से विकसित किया जा सकता है।
ओपन लर्निंग एनवायरनमेंट और प्रकृति से जुड़ाव
प्रकृति के बीच बसे इस कैंपस में पारंपरिक क्लासरूम की सीमाओं को तोड़ते हुए बच्चों को एक जीवंत और खुला सीखने का माहौल प्रदान किया गया है। यहां बच्चे किताबों से परे वास्तविक जीवन के अनुभवों से सीखते हैं।
पौधों की देखभाल, जीवन चक्र को समझना और Photosynthesis जैसी प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखना उनकी शिक्षा को अधिक रोचक और प्रभावी बनाता है। इस तरह की गतिविधियां बच्चों को न केवल ज्ञान देती हैं, बल्कि प्रकृति के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत करती हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। नन्हे बच्चों ने भगवान की वंदना प्रस्तुत की, वहीं एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रकृति के महत्व और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इन प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट किया कि स्कूल शिक्षा को केवल अकादमिक तक सीमित नहीं रखता, बल्कि जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को भी समान महत्व देता है।
अभिभावकों की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह
इस आयोजन की खास बात यह रही कि बच्चों के साथ-साथ उनकी माताओं ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इससे न केवल पारिवारिक सहभागिता को बढ़ावा मिला, बल्कि स्कूल और अभिभावकों के बीच एक मजबूत संबंध की नींव भी रखी गई।
इंटरैक्टिव एक्टिविटी जोन्स बने आकर्षण का केंद्र
औपचारिक कार्यक्रम के बाद कैंपस एक इंटरैक्टिव और अनुभवात्मक स्थल में बदल गया। जर्मिनेशन, कुल्हड़ पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग, लीफ प्रिंटिंग और रूमाल स्टैम्पिंग जैसी गतिविधियों ने बच्चों और अभिभावकों को रचनात्मक तरीके से जोड़ने का अवसर दिया।
इन एक्टिविटी ज़ोन्स ने यह साबित किया कि सीखना केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि हर अनुभव में छिपा होता है।
टीम और आयोजन की मजबूत भागीदारी
इस अवसर पर स्कूल की टीम के सदस्य—अभिषेक वर्मा, आयुष राणा, मयंक तिवारी, निरिका, अभिषेक चंदोला, अजय कुमार, शिवम चौबे, गौरव कांत जायसवाल, हर्षप्रीत मुग्धा, निखिल, वंदना खोलिया और वैष्णवी डंगवाल—भी मौजूद रहे और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षा के नए दृष्टिकोण की ओर एक मजबूत कदम
कुल मिलाकर, Vyo School of Infinite Learning का यह शुभारंभ न केवल एक नए शैक्षणिक संस्थान की शुरुआत है, बल्कि शिक्षा के प्रति एक नई सोच और दृष्टिकोण का परिचायक भी है। यह पहल आने वाले समय में बच्चों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखती है।









