गाजियाबाद राष्ट्रीय खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या से गांव में मातम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इकलौते बेटे की मौत से परिवार बेहाल, हत्या के पीछे की वजह बनी रहस्य
गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र के बसंतपुर सेथली गांव के राष्ट्रीय खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक होनहार खिलाड़ी की अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता की दुनिया उजड़ गई। गांव में हर तरफ शोक और गम का माहौल है।
राष्ट्रीय खिलाड़ी चिराग थे किसान परिवार से
चिराग त्यागी किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता मनोज त्यागी खेती-बाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिजनों के अनुसार परिवार का किसी से कोई विवाद नहीं था और न ही कोई ऐसी बात सामने आई थी जिससे किसी दुश्मनी की आशंका जताई जा सके। ऐसे में चिराग की हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कल ही दिल्ली आये थे चिराग
चिराग के सगे चाचा दीपक त्यागी ने बताया कि वह एक सप्ताह पहले पुणे में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने गए थे। खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे चिराग का भविष्य बेहद उज्ज्वल माना जा रहा था। प्रशिक्षण शिविर समाप्त होने के बाद वह 29 मई को दिल्ली पहुंचे थे और नेहरू स्टेडियम में रुके हुए थे।
दीपक त्यागी के मुताबिक शुक्रवार सुबह उनकी चिराग से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान चिराग ने कहा था कि वह दोपहर करीब तीन बजे तक घर पहुंच जाएंगे। परिवार के लोग भी उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन दोपहर बाद अचानक उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा। परिवार को लगा कि शायद यात्रा के दौरान नेटवर्क की समस्या होगी, लेकिन कुछ देर बाद जो सूचना मिली उसने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया।
परिवार को पुलिस ने दी जानकारी
गाजियाबाद कोतवाली पुलिस ने परिजनों को फोन कर थाने बुलाया। वहां पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि चिराग की हत्या कर दी गई है। उनका शव कोतवाली क्षेत्र स्थित साइन उपवन के पास बरामद हुआ है। यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता मनोज त्यागी और मां निशा त्यागी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
नहीं थी किसी से रंजिश
परिजनों का कहना है कि चिराग की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। वह अपना अधिकांश समय खेल और प्रशिक्षण में ही बिताते थे। यही वजह है कि हत्या के पीछे की वजह को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी भी संभावित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बड़ा सवाल ?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राष्ट्रीय स्तर के एक खिलाड़ी की हत्या क्यों और किसने की? क्या यह किसी व्यक्तिगत विवाद का मामला है, किसी परिचित व्यक्ति की साजिश है या फिर इसके पीछे कोई और कारण छिपा हुआ है? सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। चिराग के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, उनकी गतिविधियों और आखिरी बार संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दिल्ली से गाजियाबाद के बीच ऐसा क्या हुआ जिसने एक उभरते खिलाड़ी की जिंदगी छीन ली।
कब मिलेगा इंसाफ ?
फिलहाल बसंतपुर सेथली गांव अपने होनहार बेटे को खोने के गम में डूबा हुआ है। परिवार को इंसाफ का इंतजार है और पूरा गांव यही मांग कर रहा है कि इस सनसनीखेज हत्या का जल्द खुलासा हो तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। चिराग की मौत ने कई सवाल छोड़ दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस जांच से ही सामने आ सकेंगे।






