चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ए. पी. अंशुमान ने अपने दो दिवसीय दौरे के तहत यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वह श्रीनगर से आगे बढ़ते हुए गौचर पहुंचे, जहां उन्होंने बद्रीनाथ धाम जाने वाले मार्ग की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
गौचर में उच्चस्तरीय बैठक, कई विभाग शामिल
गौचर में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में एडीजी अंशुमान ने यात्रा से जुड़े सभी प्रमुख विभागों और हितधारकों के साथ विस्तृत समीक्षा की। बैठक में Border Roads Organisation (बीआरओ), Indo-Tibetan Border Police (आईटीबीपी), नगर निकायों, व्यापार संघों, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सड़क, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर खास फोकस
बैठक के दौरान एडीजी ने यात्रा मार्ग की स्थिति, सड़क निर्माण कार्य, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएं।
सड़क मरम्मत और भूस्खलन क्षेत्रों पर विशेष निर्देश
ए. पी. अंशुमान ने विशेष रूप से सड़क मार्गों की स्थिति पर ध्यान देते हुए बीआरओ और पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाए। साथ ही संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
सुरक्षा के लिहाज से आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग, चिकित्सा सहायता, पेयजल, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
व्यापार संघ और जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
बैठक में व्यापार संघ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव साझा किए और प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलता है, इसलिए व्यवस्थाएं सुचारू होना बेहद जरूरी है।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर जोर
एडीजी ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बेहतर प्रबंधन से सुगम होगी यात्रा
कुल मिलाकर, यह दौरा चारधाम यात्रा 2026 को सफल और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की सक्रियता और विभिन्न विभागों के समन्वय से उम्मीद की जा रही है कि इस बार यात्रा पहले से अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सकेगा।








