Pauri Garhwal में पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो वर्षों से फर्जी पहचान के सहारे भारत में अवैध रूप से रह रहा था।
रामझूला क्षेत्र में चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा
16 अप्रैल 2026 को Laxman Jhula क्षेत्र में कोतवाली लक्ष्मणझूला और अभिसूचना इकाई की संयुक्त टीम द्वारा व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान रामझूला क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। पूछताछ के दौरान उसके जवाब संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने गहराई से जांच की।
बांग्लादेशी नागरिक निकला आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम Saniur Rahman उर्फ “सत्यसाधू” (39 वर्ष) निवासी फरीदपुर, बांग्लादेश बताया। जांच में सामने आया कि वह वर्ष 2016 से बिना वैध वीजा के भारत में रह रहा था और अपनी पहचान छुपाने के लिए “सत्यनिष्ठ आर्य” नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया हुआ था।
कई राज्यों में रह चुका है आरोपी
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल, दिल्ली और गाजियाबाद जैसे शहरों में रह चुका है। हाल ही में वह लक्ष्मणझूला क्षेत्र में घूमने आया था, जहां पुलिस की सतर्कता के चलते उसकी गिरफ्तारी संभव हो पाई।
फर्जी दस्तावेज और सामान बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट (जिसकी वैधता 2018 में समाप्त हो चुकी थी), भारतीय पते पर बना आधार कार्ड, मोबाइल फोन और एक टैबलेट बरामद किया है। इन दस्तावेजों के आधार पर उसकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।
विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ कोतवाली लक्ष्मणझूला में मु0अ0सं0-11/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट-2025 के प्रावधान भी शामिल हैं। पुलिस अब उसके संभावित नेटवर्क और संपर्कों की जांच कर रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रकाश पोखरियाल, उपनिरीक्षक हेमकांत सेमवाल, आरक्षी शूरवीर सिंह, होमगार्ड सूरजभानू और अभिसूचना इकाई के उपनिरीक्षक सौरभ राठी सहित टीम के अन्य सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पौड़ी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत जिले में अवैध रूप से रह रहे लोगों, फर्जी दस्तावेज धारकों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें।
निष्कर्ष: सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का उदाहरण
यह कार्रवाई पुलिस की मुस्तैदी और सतर्कता का उदाहरण है। साथ ही यह भी दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं।








